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INX मीडिया : दिल्ली हाई कोर्ट ने चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की, गिरफ्तारी की तलवार लटकी

Sharafat Khan
20 Aug 2019 11:22 AM GMT
INX मीडिया : दिल्ली हाई कोर्ट ने चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की, गिरफ्तारी की तलवार लटकी
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दिल्ली हाईकोर्ट ने INX मीडिया मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की मामले में दायर अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस सुनील गौड़ की पीठ ने मंगलवार को ये फैसला सुनाया जिससे चिदंबरम को बड़ा झटका लगा है। चिदंबरम ने सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के मामलों में दो अग्रिम जमानत याचिकाएं दाखिल की थीं।

हालांकि चिदंबरम की ओर से हाई कोर्ट से इस मामले में अपील करने के लिए तीन दिन का सरंक्षण देने का अनुरोध किया गया लेकिन पीठ ने इसे ठुकरा दिया। अपने फैसले में पीठ ने कहा कि आर्थिक अपराध को लोहे के हाथों से निपटाया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता अपने जवाबों में अस्पष्ट रहे हैं और उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया है।जांच एजेंसियों के हाथ इतने बड़े आर्थिक अपराध में बांधे नहीं जा सकते।

हाई कोर्ट में इस मामले में सुनवाई के दौरान सीबाआई और प्रवर्तन निदेशालय ने कहा था कि INX मीडिया मामले में जांच के लिए कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम से पूछताछ के लिए उनकी हिरासत जरूरी है और उन्हें गिरफ्तारी से सरंक्षण नहीं दिया जाना चाहिए। पीठ ने जनवरी में फैसला सुरक्षित रख लिया था।

दरअसल चिदंबरम के खिलाफ सीबीआई INX मीडिया घोटाले से संबंधित भ्रष्टाचार और एड मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है।

गौरतलब है कि सीबीआई ने इस मामले में 15 मई 2017 को केस दर्ज किया था। चिदंबरम पर आरोप लगाया गया था कि UPA के कार्यकाल के समय 2007 में वित्त मंत्री रहने के दौरान INX मीडिया को 305 करोड़ रुपये की विदेशी धनराशि प्राप्त करने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (FIPB) की मंजूरी दिलाने में कथित अनियमितता बरती गई।

इस मामले में कथित रूप से 10 लाख रुपये हासिल करने के लिए चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट ने इसी साल 23 मार्च को सीबीआई द्वारा दर्ज केस में कार्ति चिदंबरम को जमानत देते हुए कहा था कि उनकी न्याय से भागने की कोई संभावना नहीं है क्योंकि समाज में उनकी जड़ें हैं, उनके माता-पिता वरिष्ठ वकील हैं और उनके पास देखभाल करने के लिए एक परिवार भी है।

साथ यह भी ध्यान में रखते हुए कि 28 फरवरी से 12 मार्च तक सीबीआई ने पुलिस हिरासत के दौरान किसी भी चौकाने वाली सामग्री को बरामद नहीं किया है। जस्टिस एसपी गर्ग ने 12 मार्च के बाद तिहाड़ जेल में रहने वाले कार्ति को जमानत दी थी। INX मीडिया कंपनी के तत्कालीन निदेशक इंद्राणी मुखर्जी और पीटर मुखर्जी भी इस मामले में आरोपी बनाए गए थे।

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