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टैक्स चोरी करने वालों की गिरफ्तारी के GST अधिकारियों की शक्तियों का परीक्षण करेगा सुप्रीम कोर्ट, तीन जजों की पीठ को रैफर

Live Law Hindi
30 May 2019 5:02 AM GMT
टैक्स चोरी करने वालों की गिरफ्तारी के GST अधिकारियों की शक्तियों का परीक्षण करेगा सुप्रीम कोर्ट, तीन जजों की पीठ को रैफर
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केंद्रीय माल और सेवा कर (CGST) में फर्जीवाडा कर टैक्स चोरी करने पर किसी को गिरफ्तार करने की माल और सेवा कर अधिकारियों की शक्ति के बारे में कानून के सवाल (Question of law) का परीक्षण करने के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है।

3 जजों की पीठ के समक्ष भेजा गया कानून का सवाल
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की अवकाश पीठ ने इस संबंध में बुधवार को इस केस को 3 जजों की पीठ को भेज दिया। पीठ ने इस संबंध में हाईकोर्ट के पक्षकारों को नोटिस जारी कर उनकी ओर से जवाब भी मांगा है। आपको बता दें कि यह याचिका केंद्र सरकार ने दाखिल की है।

इससे पहले 27 मई को इसी पीठ ने जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति को बरकरार रखते हुए तेलंगाना उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दी गई चुनौती को खारिज कर दिया था।

तेलंगाना HC का निर्णय
HC ने कहा था कि अधिनियम की धारा 69 की उप धारा (1) आयुक्त को किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी का अधिकार देती है, जब ऐसा माना जाता है कि किसी व्यक्ति ने संज्ञेय और गैर जमानती अपराध किया है। उच्च न्यायालय ने इस दलील को भी खारिज कर दिया था कि यहां मूल्यांकन से पहले गिरफ्तारी नहीं हो सकती है।

SC ने HC के फैसले के खिलाफ चुनैती की खारिज
तेलंगाना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ चुनौती को सुप्रीम कोर्ट द्वारा संक्षेप में खारिज कर दिया गया था। हालांकि बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक विपरीत विचार रखा है, जहां कहा गया था कि दंड प्रक्रिया संहिता की प्रक्रिया के अनुसार ही किसी को गिरफ्तार किया जा सकता है। इसे चुनौती देते हुए केंद्र ने SC में एक विशेष अवकाश याचिका दायर की जिसमें कहा गया कि बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले में CGST अधिनियम की धारा 69 (1) को रद्द करने का प्रभाव है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलील
केंद्र के लिए अपील करते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में प्रस्तुत किया कि उच्च न्यायालयों ने इस मामले में अलग-अलग विचार रखे हैं और रिट याचिका दायर करके गिरफ्तारी के खिलाफ सुरक्षा की तलाश के लिए कर चोरों के बीच एक प्रवृत्ति उभर रही है।

सॉलिसिटर जनरल ने इस मामले को आधिकारिक घोषणा के लिए 3 न्यायाधीशों की बेंच को संदर्भित करने के लिए अनुरोध किया और पीठ ने इस पर सहमति व्यक्त की। पीठ ने कहा कि विभिन्न उच्च न्यायालयों द्वारा जीएसटी चोरी के आरोपी व्यक्तियों को राहत देने के लिए अलग-अलग विचार रखे गए हैं, और इसलिए गिरफ्तारी की शक्ति पर कानून का सवाल तय करना होगा।

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