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जस्टिस निशा बानू को शामिल न करने से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार
जस्टिस निशा बानू को शामिल न करने से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मद्रास हाइकोर्ट कॉलेजियम के प्रस्ताव को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किया।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह मामला न्यायिक हस्तक्षेप के दायरे में नहीं आता और इसे न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती।यह रिट याचिका ए. प्रेम कुमार द्वारा दाखिल की गई थी।याचिकाकर्ता का कहना था कि नवंबर, 2025 में मद्रास हाइकोर्ट कॉलेजियम द्वारा की गई सिफारिश शून्य है, क्योंकि उस बैठक में हाइकोर्ट की तत्कालीन दूसरी सबसे सीनियर जज जस्टिस निशा बानू को शामिल नहीं किया गया था।गौरतलब है कि...

अध-कचरी याचिका: दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार की याचिका खारिज की, लगाया 25,000 का जुर्माना
अध-कचरी याचिका: दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार की याचिका खारिज की, लगाया 25,000 का जुर्माना

दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा दायर याचिका खारिज करते हुए कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने इसे अध-कचरी याचिका करार दिया।कोर्ट ने कहा कि यह याचिका तीन साल की अत्यधिक देरी से दाखिल की गई और इसमें पूरा रिकॉर्ड तक संलग्न नहीं किया गया। हाइकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए 25,000 का जुर्माना भी लगाया।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की खंडपीठ ने आदेश दिया कि यह राशि नई दिल्ली स्थित एम्स के पुअर पेशेंट्स फंड में जमा कराई जाए।कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह लागत उस अधिकारी से वसूली जाएगी,...

नर्मदा प्रदूषण पर जनहित याचिका: जबलपुर में बिना शोधन का सीवेज नदी में गिराने के आरोपों पर हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस
नर्मदा प्रदूषण पर जनहित याचिका: जबलपुर में बिना शोधन का सीवेज नदी में गिराने के आरोपों पर हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस

मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए नर्मदा नदी में हो रहे गंभीर प्रदूषण को लेकर नोटिस जारी किया। याचिका में आरोप लगाया गया कि जबलपुर शहर में बड़ी मात्रा में बिना शोधन का सीवेज सीधे नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी का पानी खतरनाक स्तर तक प्रदूषित हो चुका है।याचिका के अनुसार प्रतिदिन लगभग 98 मिलियन लीटर बिना उपचारित सीवेज जल नर्मदा नदी में प्रवाहित किया जा रहा है। इसके कारण नदी के पानी में हानिकारक बैक्टीरिया विशेष रूप से मानव और पशु मल से उत्पन्न फीकल कोलीफॉर्म की...

दिल्ली दंगे: राष्ट्रगान गाने को मजबूर किए गए युवक की मौत मामले में कोर्ट ने दो पुलिसकर्मियों को किया तलब
दिल्ली दंगे: राष्ट्रगान गाने को मजबूर किए गए युवक की मौत मामले में कोर्ट ने दो पुलिसकर्मियों को किया तलब

दिल्ली कोर्ट ने वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान कथित रूप से राष्ट्रगान गाने को मजबूर किए गए 23 वर्षीय फैयाज़ की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस के दो अधिकारियों को तलब किया।यह मामला उस वीडियो से जुड़ा है जो दंगों के समय सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में फैयाज़ को चार अन्य युवकों के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित रूप से पीटते हुए और राष्ट्रगान गाने को मजबूर करते हुए देखा गया।राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक गोयल ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा...

बोधगया रोड जाम मामले में मंत्री संतोष मांझी को राहत, हाइकोर्ट ने संज्ञान आदेश रद्द किया
बोधगया रोड जाम मामले में मंत्री संतोष मांझी को राहत, हाइकोर्ट ने संज्ञान आदेश रद्द किया

पटना हाइकोर्ट ने वर्ष 2017 के बोधगया रोड जाम और विरोध प्रदर्शन से जुड़े एक आपराधिक मामले में बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री संतोष मांझी को बड़ी राहत दी।हाइकोर्ट ने गया के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी द्वारा वर्ष 2021 में पारित संज्ञान आदेश को मंत्री संतोष मांझी के संबंध में रद्द किया।यह मामला बोधगया थाना कांड संख्या 199/2017 से जुड़ा है, जिसमें सड़क जाम, पुलिस अधिकारी पर हमला और एक महिला से छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए। संतोष मांझी, जो केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के पुत्र...

परीक्षा की निष्पक्षता में मानसिक शांति भी शामिल: दिल्ली हाइकोर्ट ने बायोमेट्रिक गड़बड़ी से प्रभावित JEE अभ्यर्थी को दोबारा परीक्षा देने की अनुमति दी
परीक्षा की निष्पक्षता में मानसिक शांति भी शामिल: दिल्ली हाइकोर्ट ने बायोमेट्रिक गड़बड़ी से प्रभावित JEE अभ्यर्थी को दोबारा परीक्षा देने की अनुमति दी

दिल्ली हाइकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की निष्पक्षता केवल परीक्षा कक्ष में प्रवेश देने तक सीमित नहीं होती बल्कि यह भी जरूरी है कि अभ्यर्थी को ऐसे प्रक्रियात्मक झटकों का सामना न करना पड़े जो उसकी मानसिक शांति और एकाग्रता को भंग कर दें।इसी आधार पर हाइकोर्ट ने JEE 2026 की मुख्य परीक्षा (सेशन-I) में बायोमेट्रिक गड़बड़ी से प्रभावित अभ्यर्थी को दोबारा परीक्षा देने की अनुमति दी।मामले की सुनवाई जस्टिस जस्मीत सिंह ने की।याचिकाकर्ता श्लोक भारद्वाज परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचे...

समझौते के आधार पर अग्रिम ज़मानत लेकर बाद में मुकरना न्यायालय के विश्वास का उल्लंघन: हाईकोर्ट ने 2022 की ज़मानत आदेश वापस लिया
समझौते के आधार पर अग्रिम ज़मानत लेकर बाद में मुकरना न्यायालय के विश्वास का उल्लंघन: हाईकोर्ट ने 2022 की ज़मानत आदेश वापस लिया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि कोई भी अभियुक्त केवल समझौते (कम्प्रोमाइज़) के आधार पर अग्रिम ज़मानत हासिल कर, बाद में न्यायालय के समक्ष दिए गए गंभीर आश्वासनों से मुकर नहीं सकता। ऐसा आचरण न्यायिक उदारता के दुरुपयोग और न्यायालयीय विश्वास के उल्लंघन के समान है। जस्टिस सुमीत गोयल ने 2022 में दी गई अग्रिम ज़मानत को वापस लेते हुए यह टिप्पणी की।न्यायालय ने कहा कि वह एक चिंताजनक प्रवृत्ति का संज्ञान ले रहा है, जिसमें अभियुक्त “आपसी समझौते” को एक रणनीतिक हथकंडे की तरह इस्तेमाल कर...

किसी महिला खासकर नाबालिग को गर्भ पूरा करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
किसी महिला खासकर नाबालिग को गर्भ पूरा करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम और संवेदनशील फैसले में कहा कि किसी भी महिला को और विशेष रूप से किसी नाबालिग लड़की को उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भ जारी रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।इसी टिप्पणी के साथ अदालत ने एक नाबालिग लड़की की 30 सप्ताह की गर्भावस्था को मेडिकल रूप से समाप्त करने की अनुमति दी।मामले की सुनवाई जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने की।अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में गर्भवती लड़की की प्रजनन संबंधी स्वायत्तता यानी उसके अपने शरीर और भविष्य को लेकर निर्णय...

बिहार चुनाव पर याचिका सुनने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहा- जनता ने नकारा तो अदालत का सहारा लेते हैं
बिहार चुनाव पर याचिका सुनने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहा- जनता ने नकारा तो अदालत का सहारा लेते हैं

सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की याचिका पर सुनवाई से इनकार किया।बता दें, किशोर ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को रद्द कर नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की गई थी।अदालत के रुख को देखते हुए पार्टी ने याचिका वापस ले ली, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाइकोर्ट जाने की छूट देते हुए इसे वापस ली गई मानकर खारिज किया।मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ कर रही थी।यह याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर की गई जिसमें विशेष...

2004 की राजस्थान कैडर सीट को लेकर दावा खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- कैडर आवंटन की प्रक्रिया अनंत काल तक खुली नहीं रह सकती
2004 की राजस्थान कैडर सीट को लेकर दावा खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- कैडर आवंटन की प्रक्रिया अनंत काल तक खुली नहीं रह सकती

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु कैडर के IPS अधिकारी की वह याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने वर्ष 2004 की राजस्थान कैडर की इनसाइडर रिक्ति पर नियुक्ति की मांग की थी।अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि इतने वर्षों बाद कैडर बदलने या आवंटन में हस्तक्षेप करने से पूरी व्यवस्था अस्थिर हो जाएगी।यह फैसला जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने सुनाया।याचिकाकर्ता रुपेश कुमार मीणा जो 2004 बैच के IPS अधिकारी हैं और वर्तमान में तमिलनाडु कैडर में कार्यरत हैं, उन्होंने यह दावा वर्ष 2010 में उठाया था यानी...

सहमति से विवाह करने वाले वयस्कों को सामाजिक मंज़ूरी की ज़रूरत नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
सहमति से विवाह करने वाले वयस्कों को सामाजिक मंज़ूरी की ज़रूरत नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने वाले सहमति से विवाह करने वाले वयस्कों को समाज या माता-पिता की मंज़ूरी की आवश्यकता नहीं है और न ही कोई व्यक्ति या संस्था उनके इस निर्णय में दख़ल दे सकती है।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने कहा कि सहमति से विवाह करने का निर्णय पूरी तरह पवित्र है और ऐसे निर्णय को सम्मान दिया जाना चाहिए, विशेषकर तब जब दोनों व्यक्ति वयस्क हों और उन्हें अपने जीवनसाथी चुनने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त हो।अदालत ने दोहराया कि विवाह करने का अधिकार मानवीय स्वतंत्रता का...

राज्य कर्मचारियों को साल में दो बार महंगाई भत्ता कोई स्वतः अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
राज्य कर्मचारियों को साल में दो बार महंगाई भत्ता कोई स्वतः अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारी साल में दो बार महंगाई भत्ता (DA) पाने का अधिकार तभी जता सकते हैं, जब संबंधित सेवा नियमों में इसका स्पष्ट प्रावधान हो। केवल परंपरा या पहले दी गई सुविधा के आधार पर इसे अधिकार नहीं माना जा सकता।यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार की उस अपील पर फैसला सुनाते हुए की जिसमें पश्चिम बंगाल सेवा (वेतन और भत्तों का संशोधन) नियम 2009 के तहत डीए भुगतान को लेकर दिए गए आदेशों को चुनौती दी गई।मामले की सुनवाई जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार...

2020 उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के बड़ी साज़िश मामले में जमानत याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया
2020 उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के 'बड़ी साज़िश' मामले में जमानत याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े 'बड़ी साज़िश' मामले में दो आरोपियों—अथर खान और सलीम मलिक—द्वारा दायर जमानत याचिकाओं पर नोटिस जारी किया।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ ने जमानत याचिकाओं पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा और दो सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।सलीम मलिक की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ लगाए गए आरोप सह-आरोपी मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद के समान हैं, जिन्हें हाल...

ट्रेन में देरी से प्रवेश परीक्षा छूटी: बस्ती उपभोक्ता आयोग ने रेलवे को दोषी ठहराया, ₹9 लाख मुआवज़ा देने का आदेश
ट्रेन में देरी से प्रवेश परीक्षा छूटी: बस्ती उपभोक्ता आयोग ने रेलवे को दोषी ठहराया, ₹9 लाख मुआवज़ा देने का आदेश

बस्ती जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने Indian Railways को सेवा में कमी (Deficiency in Service) का दोषी ठहराते हुए एक छात्रा की प्रवेश परीक्षा छूटने के मामले में ₹9 लाख मुआवज़ा देने का आदेश दिया है। आयोग में अध्यक्ष श्री अमर जीत वर्मा और सदस्य श्री अजय प्रकाश सिंह शामिल थे।मामले की पृष्ठभूमिशिकायत छात्रा के पिता व प्राकृतिक अभिभावक द्वारा दायर की गई थी। शिकायत के अनुसार, उनकी बेटी को 7 मई 2018 को लखनऊ स्थित जय नारायण पीजी कॉलेज में आयोजित प्रवेश परीक्षा में शामिल होना था। परीक्षा की...

सिर्फ़ इसलिए राहत नहीं रोकी जा सकती कि अधिकारी कोर्ट नहीं आया: राजस्थान हाईकोर्ट ने अपमानजनक टिप्पणियां रद्द कीं
सिर्फ़ इसलिए राहत नहीं रोकी जा सकती कि अधिकारी कोर्ट नहीं आया: राजस्थान हाईकोर्ट ने अपमानजनक टिप्पणियां रद्द कीं

राजस्थान हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा न सिर्फ़ याचिकाकर्ता पुलिस अधिकारी, बल्कि एक दूसरे अधिकारी के खिलाफ़ की गई प्रतिकूल टिप्पणियों को हटाने की राहत दी, जो राहत के लिए कोर्ट नहीं आया।जस्टिस अनिल कुमार उपमन की बेंच ने कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि दूसरा अधिकारी कोर्ट नहीं आया, यह नहीं कहा जा सकता कि उसके खिलाफ़ की गई प्रतिकूल टिप्पणियां सही थीं। समानता के सिद्धांत के आधार पर यह माना गया कि जब कोई खास कार्रवाई कानूनी रूप से गलत पाई जाती है तो एक पक्ष को दिया गया फ़ायदा उसी तरह की स्थिति वाले दूसरे...

पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के पास पुलिस की रिक्वेस्ट के बिना पुलिस रिमांड मांगने का कोई स्वतंत्र अधिकार नहीं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के पास पुलिस की रिक्वेस्ट के बिना पुलिस रिमांड मांगने का कोई स्वतंत्र अधिकार नहीं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

यह मानते हुए कि एक पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के पास CrPC की धारा 167 के तहत पुलिस रिमांड मांगने का कोई स्वतंत्र अधिकार नहीं है, जब तक कि ऐसी रिक्वेस्ट इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी से न आए, जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि पुलिस कस्टडी पुलिस द्वारा बताई गई जांच की ज़रूरत पर आधारित होनी चाहिए, न कि प्रॉसिक्यूशन के विवेक पर।जस्टिस संजय परिहार ने राज्य द्वारा दायर क्रिमिनल रिवीजन खारिज करते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि एक बार चार्जशीट दायर हो जाने के बाद इसका मतलब यह होता है कि कस्टडी में...

गलत आरोप से अनुशासनात्मक कार्रवाई की जड़ पर चोट: राजस्थान हाईकोर्ट ने CRPF कांस्टेबल को बहाल किया
गलत आरोप से अनुशासनात्मक कार्रवाई की जड़ पर चोट: राजस्थान हाईकोर्ट ने CRPF कांस्टेबल को बहाल किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि चार्जशीट का फॉर्म भले ही उसके सब्सटेंस पर भारी पड़ता हो, लेकिन जब उसकी नींव ही गलत आरोप पर आधारित हो तो राज्य बाद में जांच के नतीजे के हिसाब से आरोप को हल्का या दोबारा इंटरप्रेट नहीं कर सकता।याचिकाकर्ता-कांस्टेबल का सस्पेंशन रद्द करते हुए जस्टिस आनंद शर्मा की बेंच ने कहा कि अनुशासनात्मक अथॉरिटी को सज़ा देने से पहले दुर्व्यवहार को सही ढंग से क्लासिफाई करना होगा, नहीं तो पूरी कार्रवाई मनमानी हो जाएगी।कोर्ट उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें याचिकाकर्ता के सस्पेंशन के...