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सुप्रीम कोर्ट ने SEZ के लिए अडानी पोर्ट्स को अलॉट की गई 108 हेक्टेयर गौचर ज़मीन की रिकवरी का आदेश रद्द किया
सुप्रीम कोर्ट ने SEZ के लिए अडानी पोर्ट्स को अलॉट की गई 108 हेक्टेयर गौचर ज़मीन की रिकवरी का आदेश रद्द किया

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में गुजरात हाईकोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें राज्य को कच्छ में 108-22-35 हेक्टेयर ज़मीन वापस लेने का निर्देश दिया गया था, जिसे स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन के विकास के लिए अडानी पोर्ट्स को अलॉट किया गया।जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल चंदुरकर की बेंच ने इस मामले को नए सिरे से विचार करने के लिए गुजरात हाईकोर्ट को वापस भेज दिया।यह मामला 2011 में दायर एक PIL से शुरू हुआ, जिसमें कच्छ के गोयारसमा, नविनाल और लुनी गांवों में गौचर के लिए ग्राम पंचायतों को पहले अलॉट की गई ज़मीन को...

सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक अधिकारियों को प्रॉसिक्यूशन निदेशालय का प्रमुख बनने की अनुमति देने वाले BNSS के प्रावधानों को चुनौती
सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक अधिकारियों को प्रॉसिक्यूशन निदेशालय का प्रमुख बनने की अनुमति देने वाले BNSS के प्रावधानों को चुनौती

प्रैक्टिसिंग वकील ने सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की, जिसमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 20(2)(a) और 20(2)(b) की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई, जो न्यायिक अधिकारियों को प्रॉसिक्यूशन निदेशक, उप निदेशक या सहायक निदेशक के रूप में नियुक्त करने की अनुमति देती है।याचिका में कहा गया कि ये प्रावधान न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच संवैधानिक रूप से अनिवार्य अलगाव को धुंधला करते हैं, और प्रॉसिक्यूशन की स्वायत्तता को कमजोर करते हैं।याचिका में आगे कहा गया,"सेवारत या रिटायर...

क्या आरोपी के बरी होने पर न्यूज़ रिपोर्ट डिलीट कर देनी चाहिए? सुप्रीम कोर्ट करेगा राइट टू बी फॉरगॉटन के दायरे की जांच
क्या आरोपी के बरी होने पर न्यूज़ रिपोर्ट डिलीट कर देनी चाहिए? सुप्रीम कोर्ट करेगा 'राइट टू बी फॉरगॉटन' के दायरे की जांच

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि इंडियन एक्सप्रेस के डिजिटल प्लेटफॉर्म को मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व बैंकर की गिरफ्तारी से जुड़ी कुछ न्यूज़ रिपोर्ट हटाने का दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश दूसरे मामलों में मिसाल के तौर पर लागू नहीं होगा।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की बेंच IE ऑनलाइन मीडिया सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई, जिसमें बैंकर के अपराध से बरी होने के बाद कुछ आर्टिकल हटाने और डी-इंडेक्स करने का...

सुप्रीम कोर्ट ने कंटेम्प्ट सज़ा के खिलाफ़ इंट्रा-कोर्ट अपील की मांग वाली वकील की रिट पिटीशन खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने कंटेम्प्ट सज़ा के खिलाफ़ इंट्रा-कोर्ट अपील की मांग वाली वकील की रिट पिटीशन खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने वकील मैथ्यू जे नेदुम्परा की रिट पिटीशन पर सुनवाई करने से मना किया, जिसमें उन्होंने 2019 में एक क्रिमिनल कंटेम्प्ट केस में उनकी सज़ा के खिलाफ़ इंट्रा-कोर्ट अपील की इजाज़त देने के लिए निर्देश मांगे थे। कोर्ट ने कहा कि कोऑर्डिनेट बेंच के फैसले को चुनौती देने के लिए रिट पिटीशन मेंटेनेबल नहीं हो सकती।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच आर्टिकल 32 के तहत एक रिट पिटीशन पर सुनवाई कर रही थी।खास बात यह है कि 2019 में जस्टिस आरएफ नरीमन की अगुवाई वाली बेंच...

सहकारी हाउसिंग सोसायटी द्वारा निर्णय में अनुचित देरी होने पर वैधानिक प्राधिकरण हस्तक्षेप कर सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सहकारी हाउसिंग सोसायटी द्वारा निर्णय में अनुचित देरी होने पर वैधानिक प्राधिकरण हस्तक्षेप कर सकता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यदि कोई सहकारी हाउसिंग सोसायटी किसी मामले पर निर्णय लेने से इनकार करती है या उसे लंबे समय तक लंबित रखती है, तो ऐसे में वैधानिक प्राधिकरण सोसायटी के मामलों में हस्तक्षेप कर सकते हैं ताकि न्याय और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने यह टिप्पणी मुंबई स्थित मालबोरो हाउस को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी लिमिटेड से जुड़े एक मामले में की। यह मामला उन फ्लैट मालिकों से संबंधित था, जो कई वर्षों से अपने-अपने फ्लैटों में शांतिपूर्वक रह रहे...

पश्चिम बंगाल SIR मामला: सीएम के भड़काऊ भाषण, चुनाव अधिकारियों को धमकियां: चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में जताई गंभीर चिंता
पश्चिम बंगाल SIR मामला: सीएम के भड़काऊ भाषण, चुनाव अधिकारियों को धमकियां: चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में जताई गंभीर चिंता

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान कथित हिंसा, धमकी और चुनाव अधिकारियों के काम में बाधा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में विस्तृत जवाबी हलफनामा दाखिल किया।हलफनामे में आयोग ने कहा कि राज्य में चुनाव ड्यूटी कर रहे अधिकारियों को डराया जा रहा है और कई मामलों में उनकी शिकायतों पर FIR तक दर्ज नहीं की जा रही है।चुनाव आयोग का आरोप है कि राज्य प्रशासन की ओर से बूथ लेवल अधिकारियों और अन्य चुनावकर्मियों को मिल रही धमकियों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।आयोग ने यह भी कहा कि...

तेलंगाना स्पीकर को सुप्रीम कोर्ट की एक और अंतिम चेतावनी: 3 हफ्तों में शेष अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला करें, नहीं तो अवमानना
तेलंगाना स्पीकर को सुप्रीम कोर्ट की एक और 'अंतिम चेतावनी': 3 हफ्तों में शेष अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला करें, नहीं तो अवमानना

सुप्रीम कोर्ट ने आज (6 फरवरी) तेलंगाना विधानसभा के स्पीकर को एक और अंतिम चेतावनी देते हुए निर्देश दिया कि वे तीन सप्ताह के भीतर 'निश्चित रूप से' शेष अयोग्यता (डिस्क्वालिफिकेशन) याचिकाओं पर निर्णय लें। ये याचिकाएँ BRS से कांग्रेस में गए 10 विधायकों के कथित दलबदल से जुड़ी हैं। कोर्ट ने साफ कहा कि यदि इस बार भी निर्णय नहीं हुआ, तो वह अवमानना की कार्यवाही शुरू करने को मजबूर होगी। आदेश सुनाए जाने के बाद कोर्ट ने मौखिक रूप से याचिकाकर्ता से कहा कि “इस मामले पर रील्स न बनाएं”।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस...

जस्टिस निशा बानू को शामिल न करने से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार
जस्टिस निशा बानू को शामिल न करने से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मद्रास हाइकोर्ट कॉलेजियम के प्रस्ताव को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किया।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह मामला न्यायिक हस्तक्षेप के दायरे में नहीं आता और इसे न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती।यह रिट याचिका ए. प्रेम कुमार द्वारा दाखिल की गई थी।याचिकाकर्ता का कहना था कि नवंबर, 2025 में मद्रास हाइकोर्ट कॉलेजियम द्वारा की गई सिफारिश शून्य है, क्योंकि उस बैठक में हाइकोर्ट की तत्कालीन दूसरी सबसे सीनियर जज जस्टिस निशा बानू को शामिल नहीं किया गया था।गौरतलब है कि...

किसी महिला खासकर नाबालिग को गर्भ पूरा करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
किसी महिला खासकर नाबालिग को गर्भ पूरा करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम और संवेदनशील फैसले में कहा कि किसी भी महिला को और विशेष रूप से किसी नाबालिग लड़की को उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भ जारी रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।इसी टिप्पणी के साथ अदालत ने एक नाबालिग लड़की की 30 सप्ताह की गर्भावस्था को मेडिकल रूप से समाप्त करने की अनुमति दी।मामले की सुनवाई जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने की।अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में गर्भवती लड़की की प्रजनन संबंधी स्वायत्तता यानी उसके अपने शरीर और भविष्य को लेकर निर्णय...

बिहार चुनाव पर याचिका सुनने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहा- जनता ने नकारा तो अदालत का सहारा लेते हैं
बिहार चुनाव पर याचिका सुनने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहा- जनता ने नकारा तो अदालत का सहारा लेते हैं

सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की याचिका पर सुनवाई से इनकार किया।बता दें, किशोर ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को रद्द कर नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की गई थी।अदालत के रुख को देखते हुए पार्टी ने याचिका वापस ले ली, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाइकोर्ट जाने की छूट देते हुए इसे वापस ली गई मानकर खारिज किया।मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ कर रही थी।यह याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर की गई जिसमें विशेष...

2004 की राजस्थान कैडर सीट को लेकर दावा खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- कैडर आवंटन की प्रक्रिया अनंत काल तक खुली नहीं रह सकती
2004 की राजस्थान कैडर सीट को लेकर दावा खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- कैडर आवंटन की प्रक्रिया अनंत काल तक खुली नहीं रह सकती

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु कैडर के IPS अधिकारी की वह याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने वर्ष 2004 की राजस्थान कैडर की इनसाइडर रिक्ति पर नियुक्ति की मांग की थी।अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि इतने वर्षों बाद कैडर बदलने या आवंटन में हस्तक्षेप करने से पूरी व्यवस्था अस्थिर हो जाएगी।यह फैसला जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने सुनाया।याचिकाकर्ता रुपेश कुमार मीणा जो 2004 बैच के IPS अधिकारी हैं और वर्तमान में तमिलनाडु कैडर में कार्यरत हैं, उन्होंने यह दावा वर्ष 2010 में उठाया था यानी...

राज्य कर्मचारियों को साल में दो बार महंगाई भत्ता कोई स्वतः अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
राज्य कर्मचारियों को साल में दो बार महंगाई भत्ता कोई स्वतः अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारी साल में दो बार महंगाई भत्ता (DA) पाने का अधिकार तभी जता सकते हैं, जब संबंधित सेवा नियमों में इसका स्पष्ट प्रावधान हो। केवल परंपरा या पहले दी गई सुविधा के आधार पर इसे अधिकार नहीं माना जा सकता।यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार की उस अपील पर फैसला सुनाते हुए की जिसमें पश्चिम बंगाल सेवा (वेतन और भत्तों का संशोधन) नियम 2009 के तहत डीए भुगतान को लेकर दिए गए आदेशों को चुनौती दी गई।मामले की सुनवाई जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार...

क्या महाराष्ट्र में तय छात्र-शिक्षक अनुपात RTE Act के खिलाफ है? सुप्रीम कोर्ट करेगा जांच
क्या महाराष्ट्र में तय छात्र-शिक्षक अनुपात RTE Act के खिलाफ है? सुप्रीम कोर्ट करेगा जांच

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें महाराष्ट्र राज्य द्वारा बच्चों के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act) के तहत जारी 2024 के एक सरकारी प्रस्ताव (जीआर) को चुनौती दी गई। जीआर के अनुसार, राज्य ने महाराष्ट्र राज्य के प्राइमरी, अपर प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूलों में स्टूडेंट्स की संख्या के आधार पर शिक्षकों के पदों को मंज़ूरी देने के मानदंडों में बदलाव किया।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने 23 जनवरी को महाराष्ट्र राज्य और शिक्षा आयुक्त...

राज्य सरकार के कर्मचारी साल में दो बार महंगाई भत्ता क्लेम नहीं कर सकते, जब तक कि नियम इसकी इजाज़त न दें: सुप्रीम कोर्ट
राज्य सरकार के कर्मचारी साल में दो बार महंगाई भत्ता क्लेम नहीं कर सकते, जब तक कि नियम इसकी इजाज़त न दें: सुप्रीम कोर्ट

पश्चिम बंगाल सर्विसेज (वेतन और भत्ते में संशोधन) नियम, 2009 के तहत महंगाई भत्ते के भुगतान पर निर्देशों को लेकर पश्चिम बंगाल राज्य की चुनौती पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को अधिकार के तौर पर साल में दो बार डीए के भुगतान का हक नहीं है।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच ने कहा –“इसका कारण यह है कि RoPA नियमों में, जिनका हमने ऊपर ज़िक्र किया, कहीं भी यह नहीं कहा गया कि डीए का भुगतान साल में दो बार किया जाएगा या किया जा सकता है। जो कुछ भी...

गवाहों की जांच से पहले ट्रायल कोर्ट को आरोपी को मुफ्त कानूनी सहायता देने की पेशकश रिकॉर्ड करनी होगी: सुप्रीम कोर्ट
गवाहों की जांच से पहले ट्रायल कोर्ट को आरोपी को मुफ्त कानूनी सहायता देने की पेशकश रिकॉर्ड करनी होगी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (5 फरवरी) को एक अहम आदेश जारी किया, जिसमें हाईकोर्ट्स को निर्देश दिया गया कि वे अपने राज्य के ट्रायल कोर्ट्स को निर्देश दें कि अगर आरोपी वकील का खर्च नहीं उठा सकते हैं तो उन्हें कानूनी सहायता के अधिकार के बारे में बताया जाए। मुफ्त कानूनी सहायता की पेशकश पर आरोपी की प्रतिक्रिया को रिकॉर्ड किया जाना चाहिए।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने आदेश दिया,“आपराधिक कार्यवाही से निपटने वाले ट्रायल कोर्ट्स के लिए, ऐसी स्थितियों का सामना करने पर आरोपी को कानूनी...

सुप्रीम कोर्ट ने BCI की नॉमिनेशन फीस को मंज़ूरी दी, हाईकोर्ट्स से कहा- फीस को चुनौती देने के मामले में स्टेट बार काउंसिल चुनावों में दखल न दें
सुप्रीम कोर्ट ने BCI की नॉमिनेशन फीस को मंज़ूरी दी, हाईकोर्ट्स से कहा- फीस को चुनौती देने के मामले में स्टेट बार काउंसिल चुनावों में दखल न दें

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा स्टेट बार काउंसिल्स के चुनाव लड़ने के लिए तय की गई 1.25 लाख रुपये की नॉमिनेशन फीस को मंज़ूरी दी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने यह भी निर्देश दिया कि कोई भी हाईकोर्ट चुनाव फीस तय करने को लेकर किसी भी चुनौती के कारण चल रहे बार काउंसिल चुनावों में दखल नहीं देगा। बेंच ने घोषणा की कि इस मुद्दे पर हाई कोर्ट्स में लंबित सभी रिट याचिकाओं को खारिज माना जाएगा।बेंच ने कहा कि BCI चुनावों पर खर्च कर रही...