बीते दिनों सीबीआई में हुई  उठापटक की सारी जानकारी जानिए संक्षेप मेंबीते दिनों सीबीआई में हुई उठापटक की सारी जानकारी जानिए संक्षेप में

सीबीआई में पिछले 3 महीनों से उठापटक का दौर चलता रहा। इस पूरे प्रकरण को संक्षेप में समझाने का यह हमारा प्रयास है। आइये समझते हैं यह पूरा मामला। 12 जुलाई 2018: केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने एक...

रफ़ाल जांच में साँच को आँचरफ़ाल जांच में साँच को आँच

आखिर सरकारी भ्रष्टाचार के मामले में जांच कब होनी चाहिए?भ्रष्टाचार के किसी भी मामले में जब इतने तथ्य मौजूद हों जिससे उस मामले पर संदेह गहरा होता जाए और हमे आरोप का कोई सीधा जवाब ना मिल पाए, तब न्यायिक...

अप्रतिरोधी मृत्यु-वरण की वैधता के निहितार्थ
अप्रतिरोधी मृत्यु-वरण की वैधता के निहितार्थ

कॉमन कॉज बनाम भारत संघ की जनहित याचिका पर निर्णय देते हुए सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने गरिमा के साथ मृत्यु को एक मौलिक अधिकार मानते हुए अनिवारक/अप्रतिरोधी इच्छा मृत्यु को संविधान के अनुच्छेद 21...

व्यक्ति की गरिमा से जुड़ा है प्रजनन का अधिकार
व्यक्ति की गरिमा से जुड़ा है प्रजनन का अधिकार

अभी हाल में मद्रास हाईकोर्ट ने हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 40 वर्षीय एक कैदी को पंद्रह दिन के लिए अपने घर जाने हेतु अवकाश स्वीकृत किया ताकि वह पत्नी के साथ रहकर संतान पैदा कर सके।...

एक देश-एक चुनाव : सरकार इसके लिए पहले जनमत बनाए और पूरा होमवर्क करके ही इस पर कोई निर्णय ले
एक देश-एक चुनाव : सरकार इसके लिए पहले जनमत बनाए और पूरा होमवर्क करके ही इस पर कोई निर्णय ले

बजट सत्र की शुरुआत के मौके पर संसद के संयुक्त अधिवेशन में राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में एक बार पुनः लोकसभा तथा विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने की आवश्यकता पर बल दिया. प्रधानमंत्री ने भी पिछले कई...

यह सुप्रीम कोर्ट का आतंरिक मामला नहीं, न्यायालय की अस्मिता, स्वतंत्रता और स्वायत्तता का प्रश्न है
यह सुप्रीम कोर्ट का आतंरिक मामला नहीं, न्यायालय की अस्मिता, स्वतंत्रता और स्वायत्तता का प्रश्न है

बारह जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के चार न्यायाधीशों  द्वारा प्रेस कांफ्रेंस करने की घटना जितनी अप्रत्याशित है उतनी ही विस्मयकारक और दुर्भाग्यपूर्ण। वरिष्ठ जज जब विकल्पहीन हो गए तो उन्हें अपना चैम्बर छोड़,...

जज लोया केस में तथाकथित
जज लोया केस में तथाकथित 'ट्विस्ट' पर टाइम्स नाऊ रिपोर्ट पूरी तरह से गुमराह करने वाली

'टाइम्स नाउ' ने कैप्शन # जेजे लोया ट्विस्ट साथ एक कहानी चलायी है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने तहसीन पूनावाला पर मामला वापस लेने के लिए दबाव डाला था।...

2G घोटाला : वैधता बनाम अपराधिता
2G घोटाला : वैधता बनाम अपराधिता

2 जी 'घोटाले' के फैसले ने टेक्नोक्रेटों का वर्चस्व रखने वाले भारतीय मध्यमवर्ग को चौंका दिया है। इसका उत्तर वैधता और अपराधीकरण के बीच के बीच के अंतर को समझने में उनकी असफलता में छिपा है।सुप्रीम कोर्ट...

भारत के लोग आजादी के 70 वर्ष बाद भी अपनी भाषा में न्याय पाने से क्यों हैं वंचित ?
भारत के लोग आजादी के 70 वर्ष बाद भी अपनी भाषा में न्याय पाने से क्यों हैं वंचित ?

भारत दुनिया का अनोखा देश है इस बात को आप ऐसे समझ सकते हैं कि आज़ादी के 70 वर्ष बाद भी भारतीय अपनी भाषा में न्याय पाने से वंचित हैं। क्यों?  आज भी भारत के सुप्रीम कोर्ट  एवं हाई कोर्ट की आधिकारिक भाषा...

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