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समझिये IPC के अंतर्गत क्षम्य एवं तर्कसंगत कृत्य : धारा 76 एवं 79 में तथ्य की भूल विशेष [साधारण अपवाद श्रृंखला 1]समझिये IPC के अंतर्गत क्षम्य एवं तर्कसंगत कृत्य : धारा 76 एवं 79 में 'तथ्य की भूल' विशेष ['साधारण अपवाद श्रृंखला' 1]

भारतीय दंड संहिता का चैप्टर IV (4th), 'साधारण अपवाद' (General exception) की बात करता है। जैसा कि नाम से जाहिर है, यह अध्याय उन परिस्थितियों की बात करता है जहाँ किसी अपराध के घटित हो जाने के बावजूद भी...

कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम २०१३ भाग-१कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम २०१३ भाग-१

१६ अक्टूम्बर 2017 को कलाकार और एक्टिविस्ट Alyassa Milano ने अपने ट्विटर वॉल पर यह कहते हुए पोस्ट लिखा कि अगर सभी महिलाएं जिनके साथ किसी भी तरह का यौन उत्पीड़न हुआ है वो...

जानें चुनाव परिणाम को चुनौती देने की सम्पूर्ण प्रक्रिया
जानें चुनाव परिणाम को चुनौती देने की सम्पूर्ण प्रक्रिया

हालिया मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 17 वीं लोकसभा के चुनावों में 'भ्रष्ट आचरण (corrupt practices)' में चिंताजनक बढ़ोतरी हुई है। चुनाव आयोग ने प्रचार के दौरान अभद्र भाषा, सांप्रदायिक अपील और अपमानजनक...

सूचना का अधिकार भाग -१
सूचना का अधिकार भाग -१

हाल ही में भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में राफेल सौदे से सम्बन्धित कुछ दस्तावेजों के मीडिया में आ जाने पर यह चुनौती दी कि लीक करने वालों के विरुद्ध Official Secret Act, १९२३ के तहत कानूनी...

दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत क्षमा-दान: परिस्थितयां, प्रावधान एवं कुछ जरुरी बातें
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत 'क्षमा-दान': परिस्थितयां, प्रावधान एवं कुछ जरुरी बातें

एक अप्रूवर को क्षमा-दान देने की प्रक्रिया को हमारी दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत जगह दी गयी है। आज इस लेख के माध्यम से हम उन परिस्थितियों के बारे में समझेंगे जहाँ क्षमा-दान दिया जा सकता है।...

दुर्भावनापूर्ण मुक़दमेबाजी को रोकने के लिये नहीं है कोई कानून
दुर्भावनापूर्ण मुक़दमेबाजी को रोकने के लिये नहीं है कोई कानून

प्रतिवादी का वादी पर सबसे बड़ा आरोप यही होता है कि जो मुक़दमा दायर किया गया है वह विद्वेषपूर्ण (vexatitious), छिछोरा (frivolous) और दुर्भावनापूर्ण (malicious) एवं प्रतिहिसंक (vengeful) है और...

आइये जाने पैरा लीगल वालंटियर के बारे में
आइये जाने पैरा लीगल वालंटियर के बारे में

हमने विधिक सहायता से जुड़े पिछले दो लेखों में विधिक सहायता के अधिकार और लोक अदालतों के बारे में जाना। आज के लेख में हम विधिक सहायता की एक अन्य मुख्य कड़ी पैरा लीगल वालंटियर के बारे में जानेंगे. साथ ही...

आपराधिक मामलों में अपील का सम्पूर्ण लेखा जोखा: समझिये कहाँ और किन परिस्थितियों में हो सकती है अपील
आपराधिक मामलों में अपील का सम्पूर्ण लेखा जोखा: समझिये कहाँ और किन परिस्थितियों में हो सकती है अपील

आपराधिक न्याय की प्रक्रिया के किसी भी व्यक्ति के जीवन पर कुछ गंभीर परिणाम होते हैं, मुख्य रूप से व्यक्ति के जीवन के अधिकार पर और उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर। एक स्वतंत्र ट्रायल प्रक्रिया एवं उचित...

लोकतंत्र में आचार संहिता की क्या है प्रासंगिकता?
लोकतंत्र में आचार संहिता की क्या है प्रासंगिकता?

भारत के संविधान निर्माताओं ने संसदीय प्रणाली में राजनीतिक दलों को एक महत्वपूर्ण स्थान दिया है। हालाँकि संविधान के प्रारंभिक रूप में राजनीतिक दलों का ज़िक्र नहीं मिलता हैं | पहली बार ...

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