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धार्मिक स्थलों पर महिलाओं से यौन उत्पीड़न के लिए विशाखा गाइडलाइन लागू कराने संबंधी PIL सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कीधार्मिक स्थलों पर महिलाओं से यौन उत्पीड़न के लिए विशाखा गाइडलाइन लागू कराने संबंधी PIL सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें यह मांग की गई थी कि देशभर के आश्रमों, मदरसों व कैथोलिक संस्थाओं जैसे धार्मिक स्थलों पर महिलाओं से यौन उत्पीड़न के लिए विशाखा गाइडलाइन...

धारा 498A : जब ट्रायल कोर्ट ने दहेज के लिए दोषी नहीं ठहराया तो हाई कोर्ट बिना सबूतों पर विचार किए इस अपराध के लिए दोषी नहीं ठहरा सकता : SC [निर्णय पढ़े ]धारा 498A : जब ट्रायल कोर्ट ने दहेज के लिए दोषी नहीं ठहराया तो हाई कोर्ट बिना सबूतों पर विचार किए इस अपराध के लिए दोषी नहीं ठहरा सकता : SC [निर्णय पढ़े ]

सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा है कि जब भारतीय दंड संहिता की धारा 498A के तहत ट्रायल कोर्ट ने किसी को दहेज की मांग के लिए दोषी नहीं ठहराया है तो उच्च न्यायालय रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों पर विस्तृत विचार के...

नियोक्ता देरी से अपना हिस्सा देता है या रिटर्न भरता है इस आधार पर ईएसआईसी किसी योग्य बीमित व्यक्ति को डब्ल्यूआईपी प्रमाणपत्र देने से मना नहीं कर सकता : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]
नियोक्ता देरी से अपना हिस्सा देता है या रिटर्न भरता है इस आधार पर ईएसआईसी किसी योग्य बीमित व्यक्ति को डब्ल्यूआईपी प्रमाणपत्र देने से मना नहीं कर सकता : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]

दिल्ली हाईकोर्ट ने शिवानी बनाम ईएसआईसी मामले में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) को निर्देश दिया है कि वह याचिकाकर्ता की बेटी आशी को 'बीमित व्यक्ति की बेटी' का प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने उस दंडाधिकारी को किया बहाल,जो अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त थे,खुद पर लगाया एक लाख रुपए हर्जाना [निर्णय पढ़े]
कलकत्ता हाईकोर्ट ने उस दंडाधिकारी को किया बहाल,जो अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त थे,खुद पर लगाया एक लाख रुपए हर्जाना [निर्णय पढ़े]

अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त एक न्यायिक अधिकारी को फिर से नौकरी पर रखते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट को यह निर्देश दिया है कि वह इस अधिकारी को 1 लाख रुपए मुआवजे के तौर पर दे।क्या था यह पूरा...

आश्रय का अधिकार है एक मौलिक अधिकार,राज्य का संवैधानिक कर्त्तव्य है कि वह गरीबों को घर की जगह उपलब्ध कराएं-इलाहाबाद हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]
आश्रय का अधिकार है एक मौलिक अधिकार,राज्य का संवैधानिक कर्त्तव्य है कि वह गरीबों को घर की जगह उपलब्ध कराएं-इलाहाबाद हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह माना है कि आश्रय का अधिकार एक मौलिक अधिकार है और यह राज्य का संवैधानिक कर्तव्य बनता है कि वह गरीबों को घर की जगह उपलब्ध कराए।सरकारी जमीन पर अतिक्रमण से जुड़ा मामलाजस्टिस सूर्या...

देखभाल का कर्त्तव्य सर्जरी के साथ समाप्त नहीं होता है-एनसीडीआरसी ने दिया बाॅम्बे के अस्पताल व डाॅक्टरों को मृतक मरीज के परिवार को 31 लाख रुपए का भुगतान करने का आदेश [आर्डर पढ़े]
देखभाल का कर्त्तव्य सर्जरी के साथ समाप्त नहीं होता है-एनसीडीआरसी ने दिया बाॅम्बे के अस्पताल व डाॅक्टरों को मृतक मरीज के परिवार को 31 लाख रुपए का भुगतान करने का आदेश [आर्डर पढ़े]

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने दक्षिण मुम्बई में स्थित बाॅम्बे के एक अस्पताल को यह निर्देश दिया है कि अस्पताल द्वारा बरती गई लापरवाही के लिए एक मृतक मरीज के परिजनों को 30 लाख रुपए बतौर...

अनैतिक व्यापार रोकथाम अधिनियम के तहत वयस्क पीड़िता को उसकी मर्ज़ी के ख़िलाफ़ सुधार गृह में नहीं भेजा जा सकता : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]
अनैतिक व्यापार रोकथाम अधिनियम के तहत वयस्क पीड़िता को उसकी मर्ज़ी के ख़िलाफ़ सुधार गृह में नहीं भेजा जा सकता : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]

एक महत्त्वपूर्ण फ़ैसले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि अनैतिक व्यापार रोकथाम अधिनियम के तहत किसी बालिग़ पीड़िता को उसकी मर्ज़ी के ख़िलाफ़ सुधार गृह में नहीं भेजा जा सकता।न्यायमूर्ति एसएस शिंदे ने...

अतिरिक्त अपराध जोड़ने के बाद आरोपी को गिरफतार करने के लिए जांच अधिकारी या प्राधिकरण को उस कोर्ट से आदेश लेना होगा,जिसने जमानत दी थी-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
अतिरिक्त अपराध जोड़ने के बाद आरोपी को गिरफतार करने के लिए जांच अधिकारी या प्राधिकरण को उस कोर्ट से आदेश लेना होगा,जिसने जमानत दी थी-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने यह माना है कि जिस मामले में आरोपी को पहले ही जमानत मिल चुकी है, अगर उसमें कुछ और अपराध जोड़े जाते है तो जांच अधिकारी या जांच करने वाले प्राधिकरण को उस कोर्ट से आरोपी को गिरफ्तार करने...

दिल्ली हाईकोर्ट ने दुहराया, अदालत मध्यस्थता समझौते की शर्तों को बदल नहीं सकती है [निर्णय पढ़े]
दिल्ली हाईकोर्ट ने दुहराया, अदालत मध्यस्थता समझौते की शर्तों को बदल नहीं सकती है [निर्णय पढ़े]

दिल्ली हाईकोर्ट ने दुहराया है कि अदालत विभिन्न पक्षों के बीच मध्यस्थता समझौते की शर्तों को नहीं बदल सकती है और इसके बदले उसे यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी पक्ष इस समझौते को मानें। ...

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