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हाउसिंग सोसाइटी इंडस्ट्री नहीं,  इसके कर्मचारी नहीं हैं कामगार, इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसलाहाउसिंग सोसाइटी इंडस्ट्री नहीं, इसके कर्मचारी नहीं हैं कामगार, इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फिर दोहराया है कि औद्योगिक विवाद अधिनियम (आईडी एक्ट) , 1947 के तहत हाउसिंग सोसाइटी (आवासीय समिति) न तो 'उद्योग' है और न इसके कर्मचारी 'कामगार'। जस्टिस डॉ. योगेन्द्र कुमार...

दो या अधिक बच्चों वाले सरकारी कर्मचारियों को नहीं मिलेगा मातृत्व अवकाश, उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नियमों को सही ठहरायादो या अधिक बच्चों वाले सरकारी कर्मचारियों को नहीं मिलेगा मातृत्व अवकाश, उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नियमों को सही ठहराया

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अपनी एकल पीठ द्वारा पारित एक आदेश को रद्द कर दिया है। इस आदेश में एकल पीठ ने उस प्रावधान को असंवैधानिक करार दिया था, जिसके तहत महिला सरकारी कर्मचारियों को दो या अधिक जीवित बच्चे...

एनडीपीएस एक्ट : कोर्ट को संतुष्ट होना चाहिए कि कबूलनामा स्वैच्छिक है और अभियुक्त को उसके अधिकारों से अवगत कराया गया है,  सुप्रीम कोर्ट का फैसला
एनडीपीएस एक्ट : कोर्ट को संतुष्ट होना चाहिए कि कबूलनामा स्वैच्छिक है और अभियुक्त को उसके अधिकारों से अवगत कराया गया है, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने देखा है कि, भले ही जांच अधिकारियों को दिए गए बयानों को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 67 के तहत स्वीकार किया जाएगा, परंतु अदालत को संतुष्ट होना होगा कि यह एक स्वैच्छिक बयान है, जो किसी भी...

केरल भारतीय क्षेत्र में, इसकी अदालतें सुप्रीम कोर्ट के फैसले मानने के लिए बाध्य, चर्च मामले में हाईकोर्ट का फैसला रद्द
केरल भारतीय क्षेत्र में, इसकी अदालतें सुप्रीम कोर्ट के फैसले मानने के लिए बाध्य, चर्च मामले में हाईकोर्ट का फैसला रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने केरल में चर्चों में प्रशासन और प्रार्थनाओं के संचालन के अधिकार को लेकर वर्ष 2017 के अपने फैसले में दो गुटों के विवाद में केरलहाई कोर्ट द्वारा छेड़छाड़ करने पर अपने फैसले में यह...

अगर अपराध का इरादा नहीं है तो मकोका के तहत गिरफ़्तारी से संरक्षण दिया जा सकता है, पढ़िए बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला
अगर अपराध का इरादा नहीं है तो मकोका के तहत गिरफ़्तारी से संरक्षण दिया जा सकता है, पढ़िए बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला

महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत किसी को गिरफ़्तारी से बचाव का यह पहला उदाहरण हो सकता है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस बारे में सुरजीतसिंह गंभीर की याचिका स्वीकार कर ली है। ...

हज पर जाने वाले लोग  हज कमेटी के उपभोक्ता नहीं, पढ़ें NCDRC का फैसला
हज पर जाने वाले लोग हज कमेटी के उपभोक्ता नहीं, पढ़ें NCDRC का फैसला

राष्ट्रीय उपभोक्ता वाद निपटान आयोग (NCDRC) ने यह दोहराया है कि हज कमिटी ऑफ इंडिया, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के दायरे में नहीं आती है और हज तीर्थयात्री, कमिटी के उपभोक्ता नहीं हैं। ...

जब रोगी के परिवार के सदस्य ऑपरेशन के लिए सहमति देते हैं, तो वे इसके परिणाम सहन करने के लिए भी सहमति देते हैं, हाईकोर्ट का फैसला
जब रोगी के परिवार के सदस्य ऑपरेशन के लिए सहमति देते हैं, तो वे इसके परिणाम सहन करने के लिए भी सहमति देते हैं, हाईकोर्ट का फैसला

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 2 डॉक्टरों के खिलाफ चिकित्सीय लापरवाही के लिए आपराधिक कार्रवाई को रद्द कर दिया और कहा कि 'जोखिम हमेशा शामिल होता है और जब रोगी/परिवार के सदस्य ऑपरेशन किए जाने के लिए सहमति...

केवल धोखाधड़ी का साधारण आरोप, पक्षों के बीच समझौते के प्रभाव को समाप्त करने का आधार नहीं हो सकता,  सुप्रीम कोर्ट का फैसला
केवल धोखाधड़ी का साधारण आरोप, पक्षों के बीच समझौते के प्रभाव को समाप्त करने का आधार नहीं हो सकता, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है कि केवल धोखाधड़ी का साधारण/सामान्य आरोप, पक्षों के बीच मध्यस्थता समझौते के प्रभाव को समाप्त करने का आधार नहीं हो सकता है। न्यायमूर्ति रोहिंटन फली नरीमन, न्यायमूर्ति आर....

जजों को कानून के नियमों का पालन करना चाहिए या शासकों के क़ानून का?
जजों को कानून के नियमों का पालन करना चाहिए या शासकों के क़ानून का?

एम श्रीधर आचार्युलू'तबादला का अधिकार बहुत ही ख़तरनाक अधिकार है जो उन जजों के लिए भारी मुश्किलें पैदा करता है और उनकी प्रतिष्ठा पर दाग़ लगाता है जिसका तबादला होता है, क्योंकि तबादला किसी नीति पर अमल...

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