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सरकारी कर्मचारी नहीं है पूर्ण पेंशन/मृत्यु सह-सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी यानि ऐच्छिक दान का हकदार,अगर लंबित है अनुशासनात्मक/न्यायिक कार्यवाही-इलाहाबाद हाईकोर्टसरकारी कर्मचारी नहीं है पूर्ण पेंशन/मृत्यु सह-सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी यानि ऐच्छिक दान का हकदार,अगर लंबित है अनुशासनात्मक/न्यायिक कार्यवाही-इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट की फुलबेंच ने कहा है कि अगर किसी सरकार कर्मचारी के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक/न्यायिक कार्यवाही लंबित है तो वह उस दौरान पूर्ण पेंशन/मृत्यु सह सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी पाने का हकदार नहीं...

किसी आरोपी को ज़मानत नहीं दे पाने के कारण उसे अनिश्चित काल तक के लिए जेल में नहीं रखा जा सकता है : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]किसी आरोपी को ज़मानत नहीं दे पाने के कारण उसे अनिश्चित काल तक के लिए जेल में नहीं रखा जा सकता है : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी आरोपी को सिर्फ़ इसलिए अनिश्चित काल तक के लिए जेल में नहीं रखा जा सकता है क्योंकि वह कुछ ऐसी वजहों से ज़मानत नहीं दे सकता जो उसके वश में नहीं है।न्यायमूर्ति इंदिरा...

मात्र शिकायतकर्ता व आरोपी के बीच लंबित सिविल केस,नहीं हो सकता है आपराधिक केस खत्म करने का कारण-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
मात्र शिकायतकर्ता व आरोपी के बीच लंबित सिविल केस,नहीं हो सकता है आपराधिक केस खत्म करने का कारण-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ इस कारण से कि शिकायतकर्ता व आरोपी के बीच सिविल केस लंबित है, कोई आपराधिक केसरद्द या खत्म नहीं किया जा सकता है ।इस मामले में दो व्यक्ति भारतीय दंड संहिता की धारा...

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष दूसरी अपील में क़ानून का व्यापक प्रश्न आवश्यक रूप से ज़रूरी नहीं : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष दूसरी अपील में 'क़ानून का व्यापक प्रश्न' आवश्यक रूप से ज़रूरी नहीं : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]

न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा है कि हाल में दो पीठ (न्यायमूर्ति एएम सप्रे और दिनेश माहेश्वरी) द्वारा दिए गए फ़ैसले 'लागू नहीं होंगे' क्योंकि ये फ़ैसले ...

बाद के दायित्व के लिए जारी चेक का बाउंस होना स्पष्टतौर पर नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स  एक्ट यानि परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत -छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट  [आर्डर पढ़े]
बाद के दायित्व के लिए जारी चेक का बाउंस होना स्पष्टतौर पर नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट यानि परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत -छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मदन तिवारी बनाम यशंत कुमार साहू और अन्य के केस में माना है कि बाद के दायित्व के निर्वहन के लिए जारी किया गया चेक अगर बाउंस हो जाता है तो वह स्पष्ट तौर परनेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स ...

क्या मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को SARFAESI अधिनियम की धारा 14 के तहत आवेदन पर ग़ौर करने का अधिकार है?
क्या मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को SARFAESI अधिनियम की धारा 14 के तहत आवेदन पर ग़ौर करने का अधिकार है?

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के आदेश के ख़िलाफ़ सीधे अपील की अनुमति देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SARFAESI अधिनियम की धारा 14 के तहत सीजेएम के क्षेत्राधिकारों के बारे में विभिन्नहाइकोर्टों ने...

मध्यस्थता और सुलह अधिनियम की धारा 32 के तहत समाप्त हो चुकी मध्यस्था की कार्यवाही की नहीं हो सकती है वापसी-सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]
मध्यस्थता और सुलह अधिनियम की धारा 32 के तहत समाप्त हो चुकी मध्यस्था की कार्यवाही की नहीं हो सकती है वापसी-सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम की धारा 32(2)सी के तहत मध्यस्थ द्वारा मध्यस्थता की कार्यवाही को समाप्त करने के उसे फिर से शुरू नहीं किया जा सकता है या उसकी वापसी नहीं हो सकती...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को दिलाया याद, संपत्ति का अधिकार मौलिक अधिकार नहीं रहने के बावजूद अभी भी संवैधानिक अधिकार है [आर्डर पढ़े]
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को दिलाया याद, संपत्ति का अधिकार मौलिक अधिकार नहीं रहने के बावजूद अभी भी संवैधानिक अधिकार है [आर्डर पढ़े]

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की इस बात के लिए आलोचना की है कि वह बिना किसी अधिग्रहण के और मुआवज़ा चुकाए लोगों की निजी ज़मीन ले रही है। न्यायमूर्ति शशि कांत गुप्ता और न्यायमूर्ति...

सीआरपीसी धारा 319: अगर किसी व्यक्ति का एफआईआर में नाम है पर अगर उसके ख़िलाफ़ चार्ज शीट नहीं हुआ है तो विरोध याचिका का समय समाप्त हो जाने के बाद भी उसे अदालत में बुलाया जा सकता है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
सीआरपीसी धारा 319: अगर किसी व्यक्ति का एफआईआर में नाम है पर अगर उसके ख़िलाफ़ चार्ज शीट नहीं हुआ है तो विरोध याचिका का समय समाप्त हो जाने के बाद भी उसे अदालत में बुलाया जा सकता है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि निचली अदालत सीआरपीसी की धारा 319 के तहत उस व्यक्ति को अदालत में बुला सकता है अगर उसका नाम एफआईआर में है पर उसे चार्ज शीट नहीं दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि ऐसा विरोध की...

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