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एक अदालत से दूसरी अदालत में कैसे होते हैं केस ट्रांसफर, जानिए सुप्रीम कोर्ट के अधिकार और प्रक्रियाएक अदालत से दूसरी अदालत में कैसे होते हैं केस ट्रांसफर, जानिए सुप्रीम कोर्ट के अधिकार और प्रक्रिया

उन्नाव रेप कांड में सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले के तहत इस मामले के केस उत्तर प्रदेश के उन्नाव से दिल्ली ट्रांसफर कर दिये। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद एक बार फिर इस तथ्य पर ध्यान गया कि कई मामलों...

चोरी की घटना कैसे लूट बन जाती है? लूट कैसे डकैती बनती है? कानून की इन बारिकियों को समझेंचोरी की घटना कैसे लूट बन जाती है? लूट कैसे डकैती बनती है? कानून की इन बारिकियों को समझें

भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 378 से लेकर धारा 462 तक संपत्ति के विरुद्ध अपराध के संबंध में हैं। समाज में व्यक्ति अपनी संपत्ति का स्वतंत्र और बिना किसी रोक टोक के इस्तेमाल करना चाहता है। वह अपनी...

शाह बानो से लेकर शबाना बानो तक: तलाकशुदा मुस्लिम महिलाएं और धारा 125 CrPC के तहत रखरखाव का दावा करने का अधिकार
शाह बानो से लेकर शबाना बानो तक: तलाकशुदा मुस्लिम महिलाएं और धारा 125 CrPC के तहत रखरखाव का दावा करने का अधिकार

'जब उसने संहिता के तहत अदालत में आना चुना है, तब यह नहीं कहा जा सकता है कि चूँकि वह एक तलाकशुदा मुस्लिम महिला है इसलिए इस आधार पर उसे कानून के अंतर्गत ऐसी इजाजत नहीं है।' वर्ष 2009 में, सुप्रीम...

नाराज़ी याचिका (Protest Petition) प्रस्तुत होने पर क्या कार्यवाही करें मजिस्ट्रेट: सुप्रीम कोर्ट ने समझाया [निर्णय पढ़े]
नाराज़ी याचिका (Protest Petition) प्रस्तुत होने पर क्या कार्यवाही करें मजिस्ट्रेट: सुप्रीम कोर्ट ने समझाया [निर्णय पढ़े]

'मजिस्ट्रेट को नाराज़ी याचिका (protest petition) को 'परिवाद' (complaint) मानते हुए संज्ञान लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है.' सुप्रीम कोर्ट ने विष्णु कुमार तिवारी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य ...

संपत्ति की निजी प्रतिरक्षा (Private Defence) का अधिकार आखिर किन मामलों में किसी हमलावर की मृत्यु कारित करने की अनुमति देता है?: प्रमुख निर्णयों के साथ समझें
संपत्ति की निजी प्रतिरक्षा (Private Defence) का अधिकार आखिर किन मामलों में किसी हमलावर की मृत्यु कारित करने की अनुमति देता है?: प्रमुख निर्णयों के साथ समझें

हमने इस श्रृंखला के पिछले लेख में मृत्यु कारित करने तक के शरीर के निजी प्रतिरक्षा अधिकार के बारे में बात की और उसे कई प्रसिद्ध वादों के दृष्टिकोण से समझा। मौजूदा लेख में हम संपत्ति के सापेक्ष...

अगर पुलिस प्रथम दृष्टया रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने से मना करें, तो क्या करें?
अगर पुलिस प्रथम दृष्टया रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने से मना करें, तो क्या करें?

भारतीय दंड संहिता की धारा १५४ प्रथम दृष्टया रिपोर्ट (FIR) दर्ज़ करने से सम्बन्ध रखती है, हालाँकि यह धारा 'प्रथम दृष्टया रिपोर्ट' शब्द का प्रयोग नहीं करती है. धारा १५४(१) के अनुसार संज्ञेय अपराध...

शरीर के निजी प्रतिरक्षा (Private Defence) के अभ्यास में हमलावर की मृत्यु कब कारित की जा सकती है?: प्रमुख निर्णयों के साथ समझें
शरीर के निजी प्रतिरक्षा (Private Defence) के अभ्यास में हमलावर की मृत्यु कब कारित की जा सकती है?: प्रमुख निर्णयों के साथ समझें

आपराधिक मामलों में प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार एक अहम् एवं जरुरी अधिकार है। यह अधिकार व्यक्ति विशेष को स्वयं को या अपनी किसी संपत्ति के विरुद्ध हो रहे या हो सकने वाले अपराध को रोकने में मदद करता...

फतवों और धार्मिक फरमानों की कानूनी वैधता
फतवों और धार्मिक फरमानों की कानूनी वैधता

धर्म कई लोगों के जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. धर्म के नाम पर कही गयी हर बात फिर चाहे वह तर्क-शून्य और कभी-कभी गैर-कानूनी ही क्यों न हो, उसे स्वीकार्यता प्राप्त है. वे व्यक्ति और ...

चेक का डिसऑनर: सुप्रीम कोर्ट के हालिया 14 निर्णय
चेक का डिसऑनर: सुप्रीम कोर्ट के हालिया 14 निर्णय

एनआई अधिनियम की धारा 148 का प्रभाव है भूतलक्षी (Retrospective)[सुरिंदर सिंह देशवाल @ कर्नल एस. एस. देसवाल बनाम वीरेंद्र गांधी]इस मामले में, सर्वोच्च न्यायालय ने यह कहा कि निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट...

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