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समान काम के लिए समान वेतन अपने आप नहीं मिलता: हाईकोर्ट ने MCD लैब टेक्नीशियन की केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर वेतन की याचिका खारिज की
समान काम के लिए समान वेतन अपने आप नहीं मिलता: हाईकोर्ट ने MCD लैब टेक्नीशियन की केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर वेतन की याचिका खारिज की

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि "समान काम के लिए समान वेतन" का सिद्धांत अपने आप लागू नहीं होता। इसे सिर्फ़ नौकरी के पद या काम में समानता के आधार पर लागू नहीं किया जा सकता, खासकर जब शैक्षिक योग्यता और भर्ती के नियम अलग-अलग हों।जस्टिस अनिल क्षत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की डिवीजन बेंच ने इस तरह दिल्ली नगर निगम (MCD) में काम करने वाले लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें केंद्र सरकार के तहत काम करने वाले लैब टेक्नीशियन के बराबर वेतन की मांग की गई थी।याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि...

यौन उत्पीड़न पीड़िता का नाम और पता अदालत में दायर रिपोर्टों में न लिखें: दिल्ली हाईकोर्ट
यौन उत्पीड़न पीड़िता का नाम और पता अदालत में दायर रिपोर्टों में न लिखें: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि यौन उत्पीड़न की पीड़िता का नाम, पिता का नाम या पता किसी भी स्थिति रिपोर्ट या अदालत में दाखिल दस्तावेज़ में प्रकट न किया जाए।जस्टिस स्वरना कांता शर्मा ने दिल्ली पुलिस आयुक्त से कहा कि वे सभी थाना प्रभारियों और जांच अधिकारियों को इस संबंध में कानून के सख्त पालन हेतु आवश्यक निर्देश पुनः जारी करें।यह निर्देश एक POCSO Act से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान दिए गए, जिसमें जांच अधिकारी द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट में पीड़िता का नाम उल्लेखित किया गया...

एक्टर व उद्यमी विवेक ओबेरॉय ने पर्सनेलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाइकोर्ट का रुख किया
एक्टर व उद्यमी विवेक ओबेरॉय ने पर्सनेलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाइकोर्ट का रुख किया

एक्टर और उद्यमी विवेक ओबेरॉय ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के लिए दिल्ली हाइकोर्ट में वाद दायर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न अज्ञात और ज्ञात व्यक्ति उनकी पहचान, नाम, छवि और आवाज़ का बिना अनुमति दुरुपयोग कर रहे हैं।एडवोकेट सना रईस खान और प्रणय चिताले के माध्यम से दायर इस वाद में विवेक ओबेरॉय ने हाइकोर्ट से आग्रह किया कि उनके व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन पर रोक लगाई जाए। याचिका में अज्ञात व्यक्तियों (जॉन डो) सहित कई प्रतिवादियों को पक्षकार बनाया गया।याचिका में कहा गया कि सोशल...

यदि दोनों पक्ष हिंदू विवाह अधिनियम के अधीन न हों तो विवाह वैध नहीं: तेलंगाना हाइकोर्ट
यदि दोनों पक्ष हिंदू विवाह अधिनियम के अधीन न हों तो विवाह वैध नहीं: तेलंगाना हाइकोर्ट

तेलंगाना हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में अनुसूचित जनजाति की महिला और अनुसूचित जाति के पुरुष के बीच हिंदू विवाह अधिनियम 1955 के तहत पंजीकृत विवाह को शून्य घोषित किया।हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि विवाह के किसी एक पक्ष पर हिंदू विवाह अधिनियम लागू नहीं होता तो उस अधिनियम के अंतर्गत किया गया विवाह कानूनन टिकाऊ नहीं हो सकता।जस्टिस के. लक्ष्मण और जस्टिस वाकिटी रामकृष्ण रेड्डी की खंडपीठ ने अनुसूचित जनजाति की महिला द्वारा दायर अपील को स्वीकार करते हुए फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें विवाह को...

दिल्ली हाईकोर्ट ने धर्मशाला में जन्मी तिब्बती मूल की महिला को भारतीय नागरिक घोषित किया, पासपोर्ट जारी करने का निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने धर्मशाला में जन्मी तिब्बती मूल की महिला को भारतीय नागरिक घोषित किया, पासपोर्ट जारी करने का निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम फैसले में धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में 1966 में जन्मी तिब्बती मूल की महिला को जन्म से भारतीय नागरिक घोषित करते हुए उसे भारतीय पासपोर्ट जारी करने का निर्देश दिया।जस्टिस सचिन दत्ता ने यांगचेन ड्राकमारग्यापोन द्वारा दायर याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि वह नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 3(1)(a) के तहत जन्म से भारतीय नागरिक हैं।याचिकाकर्ता तिब्बती शरणार्थी वंश की हैं और 1997 में अपने पति से मिलने स्विट्ज़रलैंड गई थीं। वहां उन्हें और उनके परिवार को फॉरेनर्स पासपोर्ट जारी किए गए,...

पंजाब और हरियाणा दोनों में हायर ज्यूडिशियरी एग्जाम टॉप करने वाले वकील ने की LiveLaw की तारीफ़, कहा- यह मंच मेरा ज़रूरी साथी
पंजाब और हरियाणा दोनों में हायर ज्यूडिशियरी एग्जाम टॉप करने वाले वकील ने की 'LiveLaw' की तारीफ़, कहा- यह मंच मेरा ज़रूरी साथी'

एक असाधारण उपलब्धि में लुधियाना के वकील प्रभजोत सिंह सचदेवा ने पंजाब और हरियाणा दोनों हायर ज्यूडिशियल सर्विस परीक्षाओं में टॉप रैंक हासिल की, जिससे उनका चयन एडिशनल डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज के रूप में हुआ।अपनी तैयारी की यात्रा के बारे में बात करते हुए सचदेवा ने अपनी कड़ी तैयारी के दौरान LiveLaw को "लगातार साथी" बताया। साथ ही समकालीन कानूनी विकास से जुड़े रहने के महत्व पर ज़ोर दिया।उन्होंने कहा,“LiveLaw ने मुझे लेटेस्ट फैसलों और कानूनी विकास से अपडेट रहने में मदद की। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के...

2026 CLAT-UG | सवाल एक, सही जवाब दो: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने काउंसलिंग के लिए मेरिट लिस्ट में बदलाव का आदेश क्यों दिया?
2026 CLAT-UG | सवाल एक, सही जवाब दो: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने काउंसलिंग के लिए मेरिट लिस्ट में बदलाव का आदेश क्यों दिया?

मंगलवार को दिए गए एक अहम आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ के कंसोर्टियम को CLAT-UG-2026 के लिए मेरिट लिस्ट में बदलाव करने का निर्देश दिया।यह आदेश तब दिया गया, जब सिंगल जज ने पाया कि हाई-पावर्ड 'ओवरसाइट कमेटी' ने बिना कोई कारण बताए, एक विवादित सवाल के बारे में सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट्स के फैसले को मनमाने ढंग से पलट दिया।जस्टिस विवेक सरन की बेंच ने कंसोर्टियम को आदेश दिया कि विवादित सवाल नंबर 9 (बुकलेट-C में) और CLAT-2026 एंट्रेंस एग्जाम की अलग-अलग बुकलेट में उसी से जुड़े सभी...

यूपी पुलिस ने 2024 से 1.08 लाख गुमशुदा लोगों की शिकायतों में से 9% से भी कम पर की कार्रवाई: हैरान हाईकोर्ट ने PIL दर्ज की
यूपी पुलिस ने 2024 से 1.08 लाख गुमशुदा लोगों की शिकायतों में से 9% से भी कम पर की कार्रवाई: 'हैरान' हाईकोर्ट ने PIL दर्ज की

उत्तर प्रदेश (यूपी) सरकार के इस कबूलनामे पर कड़ी निराशा जताते हुए कि जनवरी, 2024 और जनवरी, 2026 के बीच लगभग 1,08,300 गुमशुदा लोगों की शिकायतें दर्ज की गईं और इनमें से केवल 9,700 मामलों में ही राज्य पुलिस ने लोगों को ढूंढने के लिए कार्रवाई की, इलाहाबादहाई कोर्ट ने 'राज्य में गुमशुदा व्यक्ति' शीर्षक से एक PIL (जनहित याचिका) दर्ज की।जस्टिस अब्दुल मोइन और जस्टिस बबीता रानी की बेंच ने यह आदेश दिया, जिसमें गुमशुदा लोगों को ढूंढने में अधिकारियों के शुरुआती तौर पर लापरवाह रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई...

BREAKING| एससी कॉलेजियम ने आर्टिकल 224A के तहत इलाहाबाद हाईकोर्ट में 5 रिटायर्ड जजों की एड-हॉक जज के तौर पर नियुक्ति को मंज़ूरी दी
BREAKING| एससी कॉलेजियम ने आर्टिकल 224A के तहत इलाहाबाद हाईकोर्ट में 5 रिटायर्ड जजों की एड-हॉक जज के तौर पर नियुक्ति को मंज़ूरी दी

एक अहम घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने संविधान के आर्टिकल 224A के तहत इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिटायर्ड जजों को एड-हॉक जज के तौर पर नियुक्त करने को मंज़ूरी दी, यह एक ऐसा प्रावधान है, जिसका इस्तेमाल बहुत कम होता है।यह मंज़ूरी दो साल की अवधि के लिए दी गई।ये वे रिटायर्ड जज हैं, जिनके नामों की एड-हॉक जज के तौर पर नियुक्ति के लिए सिफारिश की गई:1. जस्टिस मोहम्मद फैज़ आलम खान।2. जस्टिस मोहम्मद असलम।3. जस्टिस सैयद आफताब हुसैन रिज़वी।4. जस्टिस रेनू अग्रवाल।5. जस्टिस ज्योत्सना शर्मा।इलाहाबाद हाईकोर्ट...

यूपी सरकार का राजनीतिक जाति रैलियों पर बैन प्रभावी होना चाहिए, बच्चों में सही संस्कार ही स्थायी समाधान: इलाहाबाद हाईकोर्ट
यूपी सरकार का राजनीतिक जाति रैलियों पर बैन प्रभावी होना चाहिए, बच्चों में सही संस्कार ही स्थायी समाधान: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने हाल ही में 2013 में दायर जनहित याचिका (PIL) का निपटारा किया, जिसमें सभी जाति-आधारित राजनीतिक रैलियों पर बैन लगाने और भारत के चुनाव आयोग (ECI) को ऐसी रैलियां आयोजित करने वाली राजनीतिक पार्टियों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का निर्देश देने की मांग की गई।यह देखते हुए कि राज्य सरकार ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले ही ऐसी सभाओं पर पूरी तरह से रोक लगाR, जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की बेंच ने सरकारी आदेश को सख्ती और प्रभावी ढंग से लागू करने की...

तीर्थयात्रियों का दबाव कम करने के लिए: हाईकोर्ट ने बांके बिहारी दर्शन के बढ़े हुए समय को सही ठहराया, एससी-नियुक्त पैनल के खिलाफ अवमानना याचिका खारिज
'तीर्थयात्रियों का दबाव कम करने के लिए': हाईकोर्ट ने 'बांके बिहारी' दर्शन के बढ़े हुए समय को सही ठहराया, एससी-नियुक्त पैनल के खिलाफ अवमानना याचिका खारिज

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त हाई-पावर्ड मंदिर प्रबंधन समिति, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस अशोक कुमार (रिटायर्ड) कर रहे हैं, उसके खिलाफ दायर अवमानना ​​याचिका खारिज की। यह याचिका ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज मंदिर (वृंदावन-मथुरा में) में दर्शन का समय बढ़ाने के लिए दायर की गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि यह हाईकोर्ट के नवंबर, 2022 के आदेश का उल्लंघन है।जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की बेंच ने कहा कि समिति, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर के रोज़मर्रा के मामलों की देखरेख करने का अधिकार...

दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति के बॉडीगार्ड को समय से पहले रिहा करने का आदेश दिया, फ्रांज काफ्का का दिया हवाला
दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति के बॉडीगार्ड को समय से पहले रिहा करने का आदेश दिया, फ्रांज काफ्का का दिया हवाला

लेखक फ्रांज काफ्का का हवाला देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति के बॉडीगार्ड को समय से पहले रिहा करने का आदेश दिया, जो 2003 में एक युवती के साथ लूट और गैंगरेप के मामले में उम्रकैद की सज़ा काट रहा है।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि सेंटेंस रिव्यू बोर्ड (SRB) सहित अधिकारियों ने दो दशकों से ज़्यादा समय तक बिना किसी घटना के हिरासत और लगातार सकारात्मक सुधार रिपोर्ट के बावजूद, उसे समय से पहले रिहा करने से बार-बार इनकार करके मनमाने ढंग से काम किया।कोर्ट ने कहा,"ग्रेगर सैमसा की तरह...

वकालत पर बुरा असर पड़ेगा: कर्नाटक हाईकोर्ट ने विरोधियों के लिए पेश होने वाले वकीलों के खिलाफ FIR दर्ज करने के खतरनाक चलन पर चिंता जताई
'वकालत पर बुरा असर पड़ेगा': कर्नाटक हाईकोर्ट ने विरोधियों के लिए पेश होने वाले वकीलों के खिलाफ FIR दर्ज करने के खतरनाक चलन पर चिंता जताई

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार (3 फरवरी) को शिकायतकर्ताओं द्वारा अपने विरोधियों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों के खिलाफ FIR दर्ज करने के खतरनाक चलन पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे वकालत के पेशे पर बुरा असर पड़ेगा।कोर्ट एक वकील की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उसने एक FIR को चुनौती दी, जिसमें उसे आरोपी बनाया गया। इसमें BNS की धारा 69 (धोखे से यौन संबंध बनाना, आदि) का अपराध भी शामिल है।मामला जब सुनवाई के लिए आया तो याचिकाकर्ता के वकील ने इस बात पर ज़ोर दिया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ सिर्फ़ एक...

बलात्कार नारीत्व का अपमान, जीवन के अधिकार का क्रूर उल्लंघन: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
बलात्कार नारीत्व का अपमान, 'जीवन के अधिकार का क्रूर उल्लंघन': छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

बलात्कार की सज़ा बरकरार रखते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि बलात्कार का अपराध "नारीत्व का अपमान" है> यह संविधान के अनुच्छेद 21 के कई पहलुओं जैसे गरिमा, शारीरिक निजता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का खुला उल्लंघन है।जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास ने कहा,"बलात्कार एक महिला के खिलाफ सबसे गंभीर और जघन्य अपराधों में से एक है। यह खुद नारीत्व का अपमान है, जो उसकी गरिमा, शालीनता और सम्मान की जड़ पर चोट करता है। यह अपराध गहरा और स्थायी आघात पहुंचाता है, जिससे उसकी आत्म-सम्मान, स्वायत्तता और आत्मविश्वास टूट...

पुलिस एस्कॉर्ट के लिए पैसे देने से मना करने के बाद हाईकोर्ट का अबू सलेम को इमरजेंसी पैरोल देने से इनकार
पुलिस एस्कॉर्ट के लिए पैसे देने से मना करने के बाद हाईकोर्ट का अबू सलेम को इमरजेंसी पैरोल देने से इनकार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर अबू सलेम को इमरजेंसी पैरोल पर उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में अपने पैतृक स्थान पर अपने भाई अबू हाकिम अंसारी की मौत का मातम मनाने के लिए जाने की इजाज़त देने के मूड में नहीं है।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस श्याम चंदक की डिवीजन बेंच ने यह देखने के बाद अनुरोध खारिज किया कि सलेम ने चार दिन की पैरोल अवधि के लिए ₹17.60 लाख के अनिवार्य पुलिस एस्कॉर्ट शुल्क का भुगतान करने से इनकार कर दिया।सलेम की वकील एडवोकेट फरहाना शाह ने तर्क दिया कि मांगी गई रकम...

दिल्ली दंगों के मामले में पुलिस जांच पर कड़ी टिप्पणी, कोर्ट ने कहा- आरोपियों के अधिकार रौंद दिए गए
दिल्ली दंगों के मामले में पुलिस जांच पर कड़ी टिप्पणी, कोर्ट ने कहा- आरोपियों के अधिकार रौंद दिए गए

दिल्ली कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में दिल्ली पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाते हुए पुलिस आयुक्त को कार्रवाई के निर्देश दिए।अदालत ने सबूत जुटाने और उन्हें साबित करने में गंभीर चूक पाते हुए कहा कि जिस तरीके से मामले के रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की गई, वह निगरानी तंत्र के पूरी तरह विफल होने को दर्शाता है।कड़कड़डूमा कोर्ट के अपर सेशन जज प्रवीण सिंह ने कहा कि जिस ढिठाई और दंडमुक्ति के साथ केस रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया उससे यह साफ कि सीनियर लेवल पर निगरानी व्यवस्था ने काम ही...

बा*ड्स ऑफ बॉलीवुड वेब सीरीज पर मानहानि मामला: समीर वानखेड़े को मुंबई कोर्ट जाने की अनुमति
बा*ड्स ऑफ बॉलीवुड वेब सीरीज पर मानहानि मामला: समीर वानखेड़े को मुंबई कोर्ट जाने की अनुमति

दिल्ली हाइकोर्ट ने मंगलवार को आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े को नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज बा*ड्स ऑफ बॉलीवुड में उनके कथित मानहानिकारक चित्रण को लेकर मुंबई की सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट दिनडोशी में मुकदमा दायर करने की अनुमति दी।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने वानखेड़े की उस अर्जी को मंजूरी दी, जिसमें उन्होंने हाल ही में दिए गए आदेश के तहत सक्षम अदालत से संपर्क करने की अनुमति मांगी थी।इससे पहले दिल्ली हाइकोर्ट ने क्षेत्राधिकार के अभाव में वानखेड़े की मानहानि याचिका सुनने से इनकार करते हुए वाद पत्र...