Download App
  • Download Livelaw Android App
  • Download Livelaw IOS App
Subscribe
पिता से मिली वंशागत संपत्ति,बेटों के हाथों में आने पर बन जाती है संयुक्त पारिवारिक संपत्ति-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]पिता से मिली वंशागत संपत्ति,बेटों के हाथों में आने पर बन जाती है संयुक्त पारिवारिक संपत्ति-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया है कि पिता से वंशागत तौर पर मिली संपत्ति बेटों के हाथ में आने के बाद संयुक्त परिवार की संपत्ति बन जाती है।जस्टिस ए.एम खानविलकर और जस्टिस अजय रस्तोगी की पीठ ने यह निर्णय...

टाइटल या शीर्षक के आधार पर अधिकार या कब्जे के लिए दायर मुकदमें की बाहरी सीमा सिर्फ इसलिए खत्म नहीं हो सकती क्योंकि उसमें घोषणा की राहत भी मांगी गई है-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]टाइटल या शीर्षक के आधार पर अधिकार या कब्जे के लिए दायर मुकदमें की बाहरी सीमा सिर्फ इसलिए खत्म नहीं हो सकती क्योंकि उसमें घोषणा की राहत भी मांगी गई है-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने यह माना है कि अधिकार या कब्जे के लिए दायर एक मुकदमें में केवल इस आधार पर कि डिक्लेरेशन (घोषणा) की भी राहत मांगी गई है, 12 वर्ष की बाहरी सीमा खत्म या लुप्त नहीं हो सकती है।क्या था यह...

मध्यस्थता अधिनियम की धारा 34 – अतिरिक्त दस्तावेज़ पेश करने की अनुमति नहीं देने का आदेश अंतरिम फ़ैसला नहीं : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]
मध्यस्थता अधिनियम की धारा 34 – अतिरिक्त दस्तावेज़ पेश करने की अनुमति नहीं देने का आदेश अंतरिम फ़ैसला नहीं : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]

मध्यस्थता क़ानून के तहत एक महत्त्वपूर्ण निर्णय में, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर मध्यस्थता अधिकरण ने अतिरिक्त दस्तावेज़ पेश करने की अनुमति रद्द कर दी है तो इसका मतलब यह नहीं कि उसने 'अंतरिम...

मिताक्षरा कानून - एक पुरुष द्वारा प्राप्त की गई संपत्ति, 3 डिग्री नीचे तक के उत्तराधिकारियों के लिए सहसंयोजक (कोपार्सनरी) संपत्ति के रूप में बनी रहेगी: SC [निर्णय पढ़ें]
मिताक्षरा कानून - एक पुरुष द्वारा प्राप्त की गई संपत्ति, 3 डिग्री नीचे तक के उत्तराधिकारियों के लिए सहसंयोजक (कोपार्सनरी) संपत्ति के रूप में बनी रहेगी: SC [निर्णय पढ़ें]

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि मिताक्षरा कानून के तहत यह नियम कि जब भी कोई पुरुष अपने पूर्वजों में से किसी से भी 3 डिग्री ऊपर तक की संपत्ति प्राप्त करता है, तो उसके बाद उसके 3 डिग्री तक के कानूनी रूप...

पत्नी की कमाई के बावजूद भी पति को देना होगा बच्चों के लिए गुजारा भत्ता-दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]
पत्नी की कमाई के बावजूद भी पति को देना होगा बच्चों के लिए गुजारा भत्ता-दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]

दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले दिनों कहा है कि पति सिर्फ इस आधार पर अपने बच्चों के रख-रखाव की जिम्मेदारी से नहीं बच सकता है क्योंकि उसकी पत्नी कमाती है।जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ इस मामले में एक पुनविचार...

समीक्षा का अधिकार सूचना के अधिकार में निहित नहीं और यह सूचना आयुक्त के अधिकार क्षेत्र के बाहर है : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]
समीक्षा का अधिकार सूचना के अधिकार में निहित नहीं और यह सूचना आयुक्त के अधिकार क्षेत्र के बाहर है : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 सूचना आयुक्त को समीक्षा का अधिकार नहीं देता है। कोर्ट ने नागपुर के 60 साल के एक व्यक्ति की इस बारे में याचिका स्वीकार कर ली।नागपुर पीठ के...

भूमि अधिग्रहण के सभी मामलों में मालिक को वैकल्पिक जगह या फ्लैट देने का कोई नियम नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
भूमि अधिग्रहण के सभी मामलों में मालिक को वैकल्पिक जगह या फ्लैट देने का कोई नियम नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा है कि ऐसा कोई नियम नहीं है कि भूमि अधिग्रहण के सभी मामलों में भूमि मालिक को वैकल्पिक जगह या फ्लैट दिया जाना चाहिए।क्या था यह पूरा मामला ?दरअसल एमआरटीएस (रेलवे) की एक परियोजना...

जनता की पहुंच वाले स्थान पर निजी वाहन में भी शराब पीना बिहार आबकारी कानून के तहत अपराध : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
जनता की पहुंच वाले स्थान पर निजी वाहन में भी शराब पीना बिहार आबकारी कानून के तहत अपराध : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा है कि एक निजी वाहन को बिहार आबकारी (संशोधन) अधिनियम 2016 के तहत दी गयी 'सार्वजनिक स्थान' की परिभाषा से छूट नहीं है। इसका मतलब यह है कि सार्वजनिक स्थान पर निजी वाहन के भीतर...

घरेलू हिंसा : तलाकशुदा पत्नी तलाक की डिक्री से पहले भरण-पोषण के आदेश को निष्पादित कराने की हकदार : कलकत्ता हाई कोर्ट [निर्णय पढ़े]
घरेलू हिंसा : तलाकशुदा पत्नी तलाक की डिक्री से पहले भरण-पोषण के आदेश को निष्पादित कराने की हकदार : कलकत्ता हाई कोर्ट [निर्णय पढ़े]

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने यह माना है कि यदि तलाकशुदा पत्नी को घरेलू हिंसा अधिनियम [डीवी अधिनियम] के तहत भरण-पोषण और अन्य राहत का आदेश मिला है तो वो तलाक की डिक्री से पहले उसे निष्पादित करने की हकदार...

Share it
Top