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रिकवरी प्रमाण पत्र जारी करने के बाद ऋण का भुगतान न करना सतत अपराध नहीं माना जा सकता, सुप्रीम कोर्ट का फैसलारिकवरी प्रमाण पत्र जारी करने के बाद ऋण का भुगतान न करना सतत अपराध नहीं माना जा सकता, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

उच्चतम न्यायालय ने यह माना है कि रिकवरी प्रमाण पत्र जारी करने के बाद, ऋण का भुगतान न करने को एक सतत/निरंतर अपराध नहीं माना जा सकता है, जिससे लिमिटेशन एक्ट के तहत कार्रवाई के सतत वादकारण (cause of...

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश, जस्टिस मदन लोकुर ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की हालिया सिफारिशों की आलोचना कीसुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश, जस्टिस मदन लोकुर ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की हालिया सिफारिशों की आलोचना की

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश, न्यायमूर्ति मदन लोकुर ने इकोनॉमिक टाइम्स में प्रकाशित एक लेख में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की हालिया सिफारिशे 'मनमानी होने के करीब, निरंतरता की अनुपस्थिति का...

कार्यपालिका, न्यायपालिका, सशस्त्र सेनाओं की आलोचना राजद्रोह नहीं है : न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता
कार्यपालिका, न्यायपालिका, सशस्त्र सेनाओं की आलोचना राजद्रोह नहीं है : न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता ने राज्य की संस्थाओं/निकायों की वैध आलोचना के खिलाफ राजद्रोह कानून के उपयोग के कारण उत्पन्न 'चिलिंग प्रभाव' के बारे में विस्तार से बात की।...

एक महिला होने में दर्द है, लेकिन इसमें गर्व भी है, 21 साल बाद पति को धारा 498 ए का भी दोषी पाया, पढ़िए बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला
एक महिला होने में दर्द है, लेकिन इसमें गर्व भी है, 21 साल बाद पति को धारा 498 ए का भी दोषी पाया, पढ़िए बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला

बॉम्बे हाई कोर्ट ने बीते बुधवार को मृतका वैशाली, जिसने 21 साल पहले कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली थी, उसकी सास मंदाकिनी की सजा को बरकरार रखा। कोर्ट ने यह भी निष्कर्ष निकाला कि वैशाली का पति दिनेश,...

बिक्री के अपंजीकृत अनुबंध को संपार्श्विक प्रयोजन के लिए साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जा सकता है, सुप्रीम कोर्ट का फैसला
बिक्री के अपंजीकृत अनुबंध को संपार्श्विक प्रयोजन के लिए साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जा सकता है, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में ट्रायल कोर्ट के एक आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें वादी को सौदे की बयाना राशि की वसूली के लिए अपने मुकदमे में बिक्री के अपर्याप्त रूप से स्टाम्प किये गए अपंजीकृत समझौते पर...

अभियुक्त को है चुप रहने का अधिकार, चुप्पी को अपराध की स्वीकृति नहीं माना जा सकता, पढ़िए कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला
अभियुक्त को है चुप रहने का अधिकार, चुप्पी को अपराध की स्वीकृति नहीं माना जा सकता, पढ़िए कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार को आईपीसी की धारा 302 के तहत मर्डर के आरोप में दोषी एक व्यक्ति को यह कहते हुए दोषमुक्त कर दिया, कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 106 उचित संदेह से परे अपने मामले को...

अभियुक्त जानबूझकर गिरफ़्तारी से बच रहा है,  बिना इस शंका के लुक आउट  नोटिस जारी नहीं किया जा सकता, बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला
अभियुक्त जानबूझकर गिरफ़्तारी से बच रहा है, बिना इस शंका के लुक आउट नोटिस जारी नहीं किया जा सकता, बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला

बाॅम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक अफजल जफर खान को राहत देते हुए उसके खिलाफ सीबीआई के ACB कार्यालय की तरफ से जारी लुक आउट नोटिस को सस्पेंड कर दिया है। इसी के साथ खान को तीर्थयात्रा के लिए सऊदी अरब और...

चेक बाउंंस के केस की कार्रवाई को  सिर्फ इस आधार पर समाप्त नहीं किया जा सकता कि नोटिस वैधानिक अवधि में नहीं दिया गया, पढ़िए SC का फैसला
चेक बाउंंस के केस की कार्रवाई को सिर्फ इस आधार पर समाप्त नहीं किया जा सकता कि नोटिस वैधानिक अवधि में नहीं दिया गया, पढ़िए SC का फैसला

सर्वोच्च न्यायालय ने अपने ताज़ा फैसले में यह माना है कि निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत कार्रवाई को इस आधार पर समाप्त नहीं किया जा सकता है कि मांग नोटिस (demand notice) को वैधानिक...

बिना सहमति बैंक खातों और आयकर रिटर्न की जानकारी का खुलासा निजता के अधिकार का  उल्लंघन, पढ़िए हाईकोर्ट का फैसला
बिना सहमति बैंक खातों और आयकर रिटर्न की जानकारी का खुलासा निजता के अधिकार का उल्लंघन, पढ़िए हाईकोर्ट का फैसला

एक महत्वपूर्ण फैसले में केरल के उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि किसी के बैंक खातों और आयकर रिटर्न के बारे में जानकारी, व्यक्तिगत और निजी जानकारी का गठन करती है, इसलिए वैधानिक समर्थन के बिना इस तरह...

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