यह सुप्रीम कोर्ट का आतंरिक मामला नहीं, न्यायालय की अस्मिता, स्वतंत्रता और स्वायत्तता का प्रश्न हैयह सुप्रीम कोर्ट का आतंरिक मामला नहीं, न्यायालय की अस्मिता, स्वतंत्रता और स्वायत्तता का प्रश्न है

बारह जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के चार न्यायाधीशों  द्वारा प्रेस कांफ्रेंस करने की घटना जितनी अप्रत्याशित है उतनी ही विस्मयकारक और दुर्भाग्यपूर्ण। वरिष्ठ जज जब विकल्पहीन हो गए तो उन्हें अपना चैम्बर छोड़,...

जज लोया केस में तथाकथित जज लोया केस में तथाकथित 'ट्विस्ट' पर टाइम्स नाऊ रिपोर्ट पूरी तरह से गुमराह करने वाली

'टाइम्स नाउ' ने कैप्शन # जेजे लोया ट्विस्ट साथ एक कहानी चलायी है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने तहसीन पूनावाला पर मामला वापस लेने के लिए दबाव डाला था।...

इलाहाबाद हाई कोर्ट भवन की भव्यता को बेरंग करता परिसर के अंदर फैला गंदगी का साम्राज्य
इलाहाबाद हाई कोर्ट भवन की भव्यता को बेरंग करता परिसर के अंदर फैला गंदगी का साम्राज्य

देश में न्यायपालिका के सबसे पुराने भवनों में एक इलाहाबाद हाई कोर्ट के विशाल भवन की भव्यता को देखते ही आप इसके मुरीद हो जाएंगे। औपनिवेशिक भारत की यह भव्य इमारत पिछले डेढ़ सौ सालों से वहाँ खड़ा है। उसने...

कई राज्यों में उच्च न्यायालय की एक से अधिक पीठ तो होनी ही चाहिए
कई राज्यों में उच्च न्यायालय की एक से अधिक पीठ तो होनी ही चाहिए

 न्यायपालिका प्रजातांत्रिक व्यवस्था की रीढ़ है। एक स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायपालिका जनतंत्र के बचे रहने की कुछ मूल शर्तों में एक है। हमारे सामने कई ऐसे लोकतंत्र हैं जिनकी विश्वसनीयता संदेह के दायरे...

सुप्रीम कोर्ट के आदेश को निरस्त करने वाले अध्यादेश पर एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश का हस्ताक्षर हास्यास्पद होने के अलावा भी बहुत कुछ है
सुप्रीम कोर्ट के आदेश को निरस्त करने वाले अध्यादेश पर एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश का हस्ताक्षर हास्यास्पद होने के अलावा भी बहुत कुछ है

यह बहुत ही अजीबोगरीब बात है कि भारत के एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश को समाप्त करने के लिए एक मुख्यमंत्री के साथ हाथ मिलाए। केरल के वर्तमान राज्यपाल सुप्रीम कोर्ट के मुख्य...

कॉलेजियम पद्धति में पारदर्शिता न्यायपालिका की स्वतन्त्रता को मजबूत करता है
कॉलेजियम पद्धति में पारदर्शिता न्यायपालिका की स्वतन्त्रता को मजबूत करता है

उत्कृष्ट प्रशासन का लक्ष्य प्राप्त करने का एक सर्वमान्य अंतरराष्ट्रीय सिद्धांत है महत्तम स्वैच्छिक घोषणा। देश की सर्वोच्च अदालत ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005, के अनुच्छेद 4 (1) के तहत इस दिशा में...

सेक्यूलरिज्म पंथनिरपेक्षता मात्र नहीं है - न्यायमूर्ति केटी थॉमस
सेक्यूलरिज्म पंथनिरपेक्षता मात्र नहीं है - न्यायमूर्ति केटी थॉमस

“सेक्यूलरिज्म” का अनुवाद अमूमन “पंथनिरपेक्षता” (धर्म से अलग) किया जाता है। पर यह सेक्यूलरिज्म का बहुत ही संकीर्ण अर्थ हमें देता है। इसीलिए लोगों ने इस शब्द के इसी संकीर्ण अर्थ को अभी तक समझा है।...

दोषी के अधिकार और बार एसोसिएशन
दोषी के अधिकार और बार एसोसिएशन

13 सितम्बर को रेयान अंतर्राष्ट्रीय  विद्यालय के प्रमुख पदाधिकारी  फ्रांसिस थॉमस  द्वारा सर्वोच्च न्यायालय से वरिष्ठ अधिवक्ता श्री के टी एस तुलसी के माध्यम से ये प्रार्थना  की गयी कि सर्वोच्च न्यायालय...

निजता का अधिकार का सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय क्या नहीं बताता है?
निजता का अधिकार का सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय क्या नहीं बताता है?

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में 9 न्यायमूर्ति के बेंच के फैसले में, जस्टिस केएस पुत्तस्वामी बनाम यूओआई में (Justice KS Puttaswamy v. UOI) गोपनीयता के विषय पर एक ग्रंथ के रूप में निर्णय दिया है I...

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