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सूचना का अधिकार भाग-२सूचना का अधिकार भाग-२

पिछले लेख में हमनेसूचना के अधिकार के इतिहास, अधिकार का लोकतंत्र से क्या सम्बन्ध है और सूचना पाने के लिए कैसे आवेदन करें - ये सब जाना। आज हम अधिनयम की धारा -४ और कौन- कौन सी सूचनाएँ नहीं दी जाती है-...

सीआरपीसी की धारा 482 और उच्च न्यायालय की अन्तर्निहित शक्तियां: विस्तार से जानिए इस प्रावधान की महत्वतासीआरपीसी की धारा 482 और उच्च न्यायालय की अन्तर्निहित शक्तियां: विस्तार से जानिए इस प्रावधान की महत्वता

अगर हम दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की बात करें तो इसमें कोई भी संशय नहीं है कि यह अपने आप में एक सम्पूर्ण एवं विस्तृत कानून है। यही नहीं, इसके अंतर्गत आपराधिक मामलो में अन्वेषण, ट्रायल, अपराध की...

दुर्भावनापूर्ण मुक़दमेबाजी को रोकने के लिये नहीं है कोई कानून
दुर्भावनापूर्ण मुक़दमेबाजी को रोकने के लिये नहीं है कोई कानून

प्रतिवादी का वादी पर सबसे बड़ा आरोप यही होता है कि जो मुक़दमा दायर किया गया है वह विद्वेषपूर्ण (vexatitious), छिछोरा (frivolous) और दुर्भावनापूर्ण (malicious) एवं प्रतिहिसंक (vengeful) है और...

आइये जाने पैरा लीगल वालंटियर के बारे में
आइये जाने पैरा लीगल वालंटियर के बारे में

हमने विधिक सहायता से जुड़े पिछले दो लेखों में विधिक सहायता के अधिकार और लोक अदालतों के बारे में जाना। आज के लेख में हम विधिक सहायता की एक अन्य मुख्य कड़ी पैरा लीगल वालंटियर के बारे में जानेंगे. साथ ही...

आपराधिक मामलों में अपील का सम्पूर्ण लेखा जोखा: समझिये कहाँ और किन परिस्थितियों में हो सकती है अपील
आपराधिक मामलों में अपील का सम्पूर्ण लेखा जोखा: समझिये कहाँ और किन परिस्थितियों में हो सकती है अपील

आपराधिक न्याय की प्रक्रिया के किसी भी व्यक्ति के जीवन पर कुछ गंभीर परिणाम होते हैं, मुख्य रूप से व्यक्ति के जीवन के अधिकार पर और उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर। एक स्वतंत्र ट्रायल प्रक्रिया एवं उचित...

लोकतंत्र में आचार संहिता की क्या है प्रासंगिकता?
लोकतंत्र में आचार संहिता की क्या है प्रासंगिकता?

भारत के संविधान निर्माताओं ने संसदीय प्रणाली में राजनीतिक दलों को एक महत्वपूर्ण स्थान दिया है। हालाँकि संविधान के प्रारंभिक रूप में राजनीतिक दलों का ज़िक्र नहीं मिलता हैं | पहली बार ...

निर्वाचन आयोग के पास हैं असीमित अधिकार, सुप्रीम कोर्ट भी नहीं कर सकता इसमें हस्तक्षेप
निर्वाचन आयोग के पास हैं असीमित अधिकार, सुप्रीम कोर्ट भी नहीं कर सकता इसमें हस्तक्षेप

भारत में चुनाव आयोग को चुनाव कराने को लेकर असीमित संवैधानिक अधिकार प्राप्त है और इस बात का पता इस देश के लोगों को विशेषकर उस समय लगा जब टीएन शेषन मुख्य चुनाव आयुक्त थे।संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत...

आइये जाने FIR के बारे में
आइये जाने FIR के बारे में

कोई भी अपराध मात्र एक पीड़ित के खिलाफ अपराध नहीं होता बल्कि वह सामाजिक सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को एक चुनौती होता है. इसलिए जब भी कोई अपराध होता है तो पीड़ित तो एक ...

आइये! लोक अदालत को जानें और समझें
आइये! लोक अदालत को जानें और समझें

लोक अदालत का मतलब होता है लोगों की अदालत इसकी संकल्पना हमारे गाँवों में लगने वाली पंचायतों पर आधारित है। इसके अलावा आज के परिवेश में इसके गठन का आधार 1976 का 42वां संविधान संशोधन है, जिसके...

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