दिल्ली हाईकोर्ट ने DJS-2018 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम दुबारा तैयार करने को कहा; दो प्रश्नों को हटाने और एक के लिए दो सही उत्तर जोड़ने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने DJS-2018 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम दुबारा तैयार करने को कहा; दो प्रश्नों को हटाने और एक के लिए दो सही उत्तर जोड़ने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा का परिणाम दुबारा निकालने का आदेश दिया है। कोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को आदेश दिया है कि वह DJS-2018 की प्रारंभिक परीक्षा का दुबारा परिणाम निकाले और इसके प्रशनपत्र सिरीज़ B से दो प्रश्नों को हटा दे, उत्तर कुंजी (answer key) में से एक प्रश्न के उत्तर को संशोधित करे और एक विशेष प्रश्न के उत्तर को संशोधित कर उसके चार में से दो उत्तरों को 'सर्वाधिक उचित उत्तर' बताए।

यह फ़ैसला न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति प्रतीक जलान ने DJS-2018 की परीक्षा में बैठने वाले छह उम्मीदवारों द्वारा दायर याचिका पर दिया है। ये उम्मीदवार इस परीक्षा में बहुत ही कम अंतर से पास नहीं हो पाए।

उनके वक़ील ने इस परीक्षा में सात ग़लत सवालों का ज़िक्र कोर्ट में किया।

"अगर इस आदेश की तामील की वजह से कोई उम्मीदवार मुख्य परीक्षा में बैठने की पात्रता हासिल करता है और जितने सीट पर भर्ती का विज्ञापन दिया गया है उसके दस गुना संख्या में वे स्थान पाते हैं, तो उन्हें इस परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जानी चाहिए", पीठ ने कहा।

पीठ ने इस बारे में Sumit Kumar v. High Court of Delhi & Anr मामले में आए फ़ैसले का संदर्भ दिया।

DJS-2018 परीक्षा का आयोजन 13 जनवरी को हुआ और इस परीक्षा से कुल 50 रिक्तियाँ भारी जानी हैं। जिस उम्मीदवार को कुल 200 में से न्यूनतम 60% अंक यानी 120 अंक प्राप्त होगा और वह कुल रिक्तियों के दस गुना उम्मीदवारों की सूची में स्थान पाता है उसे मुख्य परीक्षा में बैठने की इजाज़त होगी।

जिन छह उम्मीदवारों ने इस परीक्षा के परिणाम को चुनौती दी थी वे हैं प्रभजोत सिंह जिन्हें 119.75 अंक मिला; अंजलि गोस्वामी(119.50 अंक), अनु कुमारी (119), निधि सरोज (118), परीक्षा(117.50) और विजयश्री राठौड़ (107.25)।