बॉम्बे हाईकोर्ट कोख किराए पर देने वाली महिला को उसके बच्चे के होने वाले माँ-बाप की अनुमति से 24 सप्ताह के गर्भ को नष्ट करने की अनुमति दी

बॉम्बे हाईकोर्ट कोख किराए पर देने वाली महिला को उसके बच्चे के होने वाले माँ-बाप की अनुमति से 24 सप्ताह के गर्भ को नष्ट करने की अनुमति दी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कोख किराए पर देने वाली एक माँ को 24 सप्ताह के गर्भ को नष्ट करने की अनुमति दे दी। इस महिला ने जिस जोड़े को किराए पर यह कोख दिया था, उसने भी उसे ऐसा करने की अनुमति दे दी थी। इस गर्भ को नष्ट करने की ज़रूरत इसलिए पड़ी क्योंकि गर्भ में पल रहे बच्चे के हृदय में कई सारी गड़बड़ियाँ पाई गईं और जन्म के बाद इसके कई सारे ऑपरेशन करने पड़ते।

याचिकाकर्ता महिला ने पुणे में रहने वाले एक जोड़े को अपना कोख किराए पर दिया था पर समय-समय पर होने वाले परीक्षणों के बाद इस महिला ने कोर्ट में कहा की उसके गर्भ में पल रहे बच्चे के हृदय में कई सारी गड़बड़ियाँ हैं।

कोर्ट ने इस महिला की अपील के बाद इस मामले को एक मेडिकल बोर्ड को सौंप दिया जिसमें बीजे मेडिकल कॉलेज और ससून जेनरल अस्पताल, पुणे के डॉक्टर भी शामिल थे। इस बोर्ड ने इस बात की पुष्टि की कि गर्भ में पल रहे बच्चे को कई तरह की हृदय की गड़बड़ियाँ हैं।

इस रिपोर्ट पर ग़ौर करने के बाद न्यायमूर्ति भारती एच डांगरे ने उन लोगों की अनुमति चाही जो किराए के इस कोख से पैदा होने वाले बच्चे के माता-पिता बनने वाले थे।

मामले की अगली सुनवाई के दौरान कोर्ट में यह जोड़ा भी मौजूद था और इन लोगों ने मेडिकल रिपोर्ट को देखते हुए इस गर्भ को नष्ट करने की इजाज़त दे दी।

याचिकाकर्ता की अपील को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने कहा, "इस तरह की परिस्थिति में चूँकि विशेषज्ञ डॉक्टरों ने यह राय व्यक्त की है कि शिशु के हृदय में कई तरह की गड़बड़ियाँ हैं, और इसे देखते हुए इस गर्भ को नष्ट कर देना चाहिए, यह अदालत याचिकाकर्ता संख्या-1 को यह गर्भ नष्ट करने की अनुमति देता है"।