वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेंद्र शरण का दिल का दौरा पड़ने से निधन

वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेंद्र शरण का दिल का दौरा पड़ने से निधन

वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व एडिशनल सॉलिसिलिटर जनरल अमरेंद्र शरण का सोमवार सुबह ऋषिकेश में दिल का दौरा पड़ने से देहांत हो गया। बिहार की पटना यूनिवर्सिटी से एलएलबी करने के बाद 1975 में उन्होंने बिहार स्टेट बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करवाया और पटना हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की।

इसके बाद वे 1981 में दिल्ली आ गए और साल 2000 में वे सीनियर एडवोकेट के तौर पर स्थापित हो गए। साल 2004 से 2009 तक उन्होंने बतौर एडिशनल सॉलिसिलिटर जनरल केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट में रिप्रेज़ेंट किया। उन्होंने साल 2005 में SC/ST/OBC के लिए उच्च शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण के संबंध में संविधान संशोधन का सफलतापूर्वक बचाव किया।

अमरेंद्र शरण ने 2जी घोटाले, कोयला घोटाले जैसे बड़े केस में सीबीआई का प्रतिनिधित्व किया। वे ड्र्ग संबंधित कानून सुधार के लिए गठित मार्शेलकर कमेटी के सदस्य भी रहे। 2008 में उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ। मनमोहन सिंह द्वारा राष्ट्रीय कानून दिवस पर "न्यायशास्त्र के वैज्ञानिक विकास के लिए उत्कृष्ट योगदान" के लिए प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया।