SC कॉलेजियम ने जस्टिस BR गवई और जस्टिस सूर्यकांत को सुप्रीम कोर्ट जज नियुक्त करने की सिफारिश केंद्र को भेजी

SC कॉलेजियम ने जस्टिस BR गवई और जस्टिस सूर्यकांत को सुप्रीम कोर्ट जज नियुक्त करने की सिफारिश केंद्र को भेजी

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बॉम्बे हाई-कोर्ट के जज जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई और हिमाचल प्रदेश हाई-कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत को सुप्रीम कोर्ट के जज नियुक्त करने के लिए केंद्र सरकार को सिफारिश भेजी है।

संयुक्त बयान में कहा गया कि, "न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई और न्यायमूर्ति सूर्य कान्त के नामों की सिफारिश करते हुए, कॉलेजियम ने मुख्य न्यायाधीशों और उच्च न्यायालयों के वरिष्ठ न्यायाधीशों, उनकी योग्यता, अखंडता, आचरण के अलावा अखिल भारतीय आधार पर संयुक्त वरिष्ठता को ध्यान में रखा है। कॉलेजियम ने उच्चतम न्यायालय की पीठ में जहां तक ​​संभव हो सभी उच्च न्यायालयों के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों के लिए जिनमें एससी/एसटी/एसटी/ओबीसी श्रेणियां, महिलाएं और अल्पसंख्यक से संबंधित लोगों के उचित प्रतिनिधित्व देने की वांछनीयता को भी ध्यान में रखा है। हम इस तथ्य से भी अवगत हैं कि सर्वोच्च न्यायालय में कुछ उच्च न्यायालयों का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।"

जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई संयुक्त वरिष्ठता में हैं 8वें नंबर पर
जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई को 14 नवंबर, 2003 को बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की अखिल भारतीय आधार पर संयुक्त वरिष्ठता में वो 8 वें नंबर पर हैं।

SC में एक दशक के बाद होंगे अनुसूचित जाति श्रेणी के जज


कॉलेजियम ने उनके नाम की सिफारिश करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट से जजों की वरिष्ठता में जस्टिस गवई की स्थिति ( No.4) पर विधिवत विचार किया। उनकी सिफारिश किसी भी तरह से गलत नहीं है। इसका मतलब है कि बॉम्बे हाई कोर्ट के 3 वरिष्ठतम न्यायाधीश (जिनमें से 2 मुख्य न्यायाधीश के रूप में सेवा कर रहे हैं) जस्टिस गवई की तुलना में कम उपयुक्त हैं। गौरतलब है कि उनकी नियुक्ति से सुप्रीम कोर्ट के पास लगभग एक दशक के बाद अनुसूचित जाति श्रेणी का एक जज होगा।

जस्टिस सूर्यकांत संयुक्त वरिष्ठता में हैं 11वें नंबर पर
वहीं जस्टिस सूर्यकांत को 9 जनवरी, 2004 को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था और 5 अक्टूबर, 2018 को उन्हें हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया। जस्टिस सूर्यकांत अखिल भारतीय आधार पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संयुक्त वरिष्ठता में 11 वें क्रम पर हैं। पंजाब और हरियाणा के न्यायाधीशों की वरिष्ठता में जस्टिस सूर्यकांत 2 नंबर पर हैं। वो 5 अक्टूबर, 2018 से पहले से ही मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य कर रहे हैं।

उनके नाम की सिफारिश करते हुए, कॉलेजियम इस तथ्य के प्रति सचेत रहा कि जस्टिस सूर्यकांत की नियुक्ति होने पर सुप्रीम कोर्ट में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय से 2 न्यायाधीश होंगे, जिसे 2 बड़े राज्यों के लिए उच्च न्यायालय होने का गौरव प्राप्त है और यह देश का तीसरा सबसे बड़ा उच्च न्यायालय है।