नागपुर में 369 परिवारों को राहत : सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने को कहा, नहीं होगी तोड़फोड़

नागपुर में 369 परिवारों को राहत : सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने को कहा, नहीं होगी तोड़फोड़

महाराष्ट्र के नागपुर स्थित बेजानबाग इलाके में रहने वाले 369 परिवारों को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के आदेश पर यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया है, जिसके चलते फिलहाल इन घरों में कोई तोड़फोड़ नहीं होगी।

सोमवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिकाकर्ता को नोटिस जारी कर उनकी ओर से जवाब मांगा है।
यथास्थिति बरकरार रखने के दिए गए निर्देश
महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से दखल देने का अनुरोध किया क्योंकि यह मामला सैंकड़ों परिवारों के घर से जुड़ा है। पीठ ने नोटिस जारी करते हुए यथास्थिति को बरकरार रखने के निर्देश दिए।
अतिक्रमण को हटाए जाने को लेकर दाखिल हुई थी याचिका
दरअसल बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने सरकार को इस इलाके से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। सामाजिक कार्यकर्ता ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर इस इलाके में बने प्लाटों को चुनौती दी थी। याचिका में यह कहा गया था कि मिल की इस जमीन पर प्लाट और घर बना दिए गए जबकि ये जगह खुली रहनी चाहिए थी। इसलिए ये निर्माण अवैध हैं और इस अतिक्रमण को हटाया जाना चाहिए।
महाराष्ट्र सरकार का मत
हालांकि महाराष्ट्र सरकार का यह कहना था कि वो खुली जगह के लिए दूसरा स्थान देने को तैयार है लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट ने यहां तोडफोड कर अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए। इस बीच मार्च में कुछ नागरिकों ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
अब जब फिर से इस मामले में याचिका दाखिल की गई तो सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखते हुए नोटिस जारी किया है।