सुप्रीम कोर्ट में अब अंग्रेजी में ही नहीं बल्कि कई भाषाओं में मिलेंगी फैसले की प्रति

सुप्रीम कोर्ट में अब अंग्रेजी में ही नहीं बल्कि कई भाषाओं में मिलेंगी फैसले की प्रति

सुप्रीम कोर्ट जल्द ही विश्व में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा जब देश की सबसे बड़ी अदालत के फैसले सिर्फ अंग्रेजी में ही नहीं होंगे, बल्कि अन्य भारतीय भाषाओं में भी इनका अनुवाद किया जाएगा।

SC के इन-हाउस सॉफ्टवेयर की मदद से यह होगा संभव
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई महीने में ही सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हिंदी, असमिया, उड़िया, मराठी, कन्नड़ और तेलुगू जैसी भाषाओं में अनुवाद किया जाएगा। इसके बाद अन्य भाषाओं में भी इस व्यवस्था को शुरू किया जाएगा। बताया गया है कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इस प्रोजेक्ट के लिए अनुमति दे दी है और इसके लिए इन हाउस सॉफ्टवेयर भी तैयार है। आने वाले कुछ दिनों के भीतर इसे लागू कर दिया जाएगा।

व्यक्तिगत मामलों से संबंधित फैसलों को दी जाएगी प्राथमिकता
जानकारी के मुताबिक यह तय किया गया है कि इन क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवादित फैसलों को भी, अंग्रेजी के साथ आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। प्राथमिकता उन मामलों को दी जाएगी जो व्यक्तिगत मामलों से संबंधित हैं। इनमें सिविल विवाद, आपराधिक मामले, मकान मालिक-किरायेदार जैसे विवाद, वैवाहिक मुद्दे आदि शामिल हैं। इसके पीछे विचार यह किया गया है कि मामलों से जुड़े लोग, जो अंग्रेज़ी भाषा का ज्ञान नहीं रखते हैं, न्यायाधीशों द्वारा सुनाए गए फैसले को आसानी से समझ सकें।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वर्ष 2017 में दिया था ऐसी व्यवस्था लाने पर जोर
इससे पहले 2 नवंबर, 2018 को, एक अनौपचारिक बातचीत में CJI ने पत्रकारों को बताया था कि न्यायपालिका को आम आदमी तक पहुंचाने के लिए फैसलों को विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद करने की योजना है ताकि आम लोगों को भी ये फैसले आसानी से समझ आ सकें। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी वर्ष 2017 में इस तरह की व्यवस्था पर जोर दिया था ताकि आम लोग भी न्यायपालिका के फैसलों से जुड़ सकें।

इस कदम के साथ सुप्रीम कोर्ट, विश्व का पहला कोर्ट होगा जो विभिन्न भाषाओं में अनुवाद के साथ अपने फैसले देगा। विश्व के कोर्ट या तो अंग्रेजी में फैसला देते हैं या फिर अपनी मूल भाषा में।