जम्मू-कश्मीर विधानसभा भंग करने के राज्यपाल के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की

जम्मू-कश्मीर विधानसभा भंग करने के राज्यपाल के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की

जम्मू- कश्मीर में विधानसभा भंग करने के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी।

सोमवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस एसके कौल की पीठ ने कहा, “ हम राज्यपाल के फैसले में दखल नहीं देंगे।

दरअसल जम्मू भाजपा से निलंबित पूर्व विधायक गगन भगत ने विधानसभा भंग करने के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के 21 नवंबर के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया था कि राज्यपाल का फैसला गैरकानूनी और मनमाना है इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए। याचिका में मांग की गई थी कि राज्यपाल को फ्लोर टेस्ट कराने के निर्देश दिए जाएं। गगन भगत आरएस पुरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक हैं। 2014 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता था।

दरअसल 21 नवंबर को ही PDP की महबूबा मुफ्ती ने नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के समर्थन से राज्य में सरकार बनाने की चिट्ठी दी थी। उसी वक्त दो अन्य सदस्यों ने बीजेपी और अन्य विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा भी पेश किया था।

इससे पहले बीजेपी ने PDP से अपना समर्थन वापस ले लिया था जिसकी वजह से राज्यपाल ने 19 जून को विधानसभा निलंबित करते हुए जम्मू- कश्मीर में राज्यपाल शासन लगा दिया था।