CBI Vs CBI : सुप्रीम कोर्ट ने कहा, आलोक वर्मा पर रिपोर्ट मिश्रित, सोमवार तक जवाब दें वर्मा [आर्डर पढ़े]

CBI Vs CBI : सुप्रीम कोर्ट ने कहा, आलोक वर्मा पर रिपोर्ट मिश्रित, सोमवार तक जवाब दें वर्मा [आर्डर पढ़े]

CBI Vs CBI मामले में सुप्रीम कोर्ट ने CVC की रिपोर्ट देखने के बाद इसे कई बातों का मिश्रण बताया। साथ ही कोर्ट ने कहा कि आलोक वर्मा के खिलाफ कुछ आरोपों पर रिपोर्ट उनके पक्ष में है  जबकि कुछ ख़ास आरोपों पर रिपोर्ट बहुत ज्यादा असंतोषजनक है। ऐसे में आलोक वर्मा सोमवार तक इनका जवाब सीलकवर में दें।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस के एम जोसेफ की पीठ ने वर्मा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील फली नरीमन को कहा कि कुछ भी फैसला करने से पहले पीठ आलोक वर्मा का जवाब देखना चाहती है। वो सोमवार दोपहर एक बजे तक सीलकवर में रिपोर्ट दाखिल करें।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने रिपोर्ट को अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल और CVC की ओर से पेश SG तुषार मेहता को भी देने को निर्देश दिए।

हालांकि पीठ ने राकेश अस्थाना को रिपोर्ट देने से इनकार कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सीबीआई की साख बचाए रखने के लिए रिपोर्ट को गोपनीय बनाए रखा जाना चाहिए।  सुप्रीम कोर्ट 20 नवंबर को सुनवाई करेगा।

इससे पहले 12 नवंबर को  सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई शुक्रवार तक टाल दी थी। इस दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस संजय किशन कौल की पीठ ने CVC पर जांच रिपोर्ट दाखिल करने में देरी पर नाराजगी जाहिर की थी। हालांकि सोमवार को CVC ने सीलकवर में जांच रिपोर्ट और 23 अक्तूबर के बाद से अंतरिम निदेशक के तौर पर एम नागेश्वर राव द्वारा लिए गए फैसलों की सूची पीठ को सौंपी गई। दरअसल 26 अक्तूबर को पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने CVC को दो हफ्ते में आलोक वर्मा पर लगे आरोपों की जांच पूरी कर सील कवर में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज जस्टिस ए के पटनायक को जांच की निगरानी का जिम्मा सौंपा था। कोर्ट  ने ये भी निर्देश दिए थे कि सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव कोई भी  नीतिगत फैसले नहीं लेंगे। कोर्ट ने 23 अक्तूबर से 26 अक्तूबर तक जांच अफसरों के ट्रांसफर समेत तमाम फैसलों की सील कवर में सूची मांगी थी।

गौरतलब है कि छुट्टी पर भेजे जाने के आदेश के खिलाफ सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं।

इस बीच केंद्र सरकार ने 23 अक्तूबर को  सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया। इसके साथ ही ज्वाइंट डायरेक्टर एम. नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। करीब 13 अधिकारियों का तबादला भी कर दिया गया।

इससे पहले स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना   के खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोप में सीबीआई ने FIR दर्ज की है। FIR को रद्द करने की मांग को लेकर अस्थाना दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे और उन्हें  मंगलवार को कोर्ट से राहत मिल चुकी है।