मुजफ्फरपुर शेल्टर होम रेप : मंजू वर्मा की गिरफ्तारी ना होने से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के DGP को तलब किया

बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम रेप मामले से जुड़ी पूर्व मंत्री मंजू वर्मा की गिरफ्तारी ना होने से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बिहार के DGP को कोर्ट में पेश होने के आदेश जारी किए।

जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा कि ये हैरानी की बात है कि पूर्व मंत्री महीने भर से कहां हैं, ये किसी को नहीं पता। लिहाजा राज्य के डीजीपी 27 नवंबर को पेश हों।

वहीं राज्य के 14 अन्य शेल्टर होम के खिलाफ कार्रवाई ना करने पर भी पीठ ने नाराजगी जाहिर की और बिहार के चीफ सेकेट्री को 27 नवंबर को तलब किया है।

सुनवाई के दौरान बिहार सरकार की ओर से पीठ को बताया गया कि मंजू वर्मा का पता नहीं चल पा रहा है।

गौरतलब है कि 30 अक्तूबर को मुजफ्फरपुर शेल्टर होम रेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से पूछा था कि अवैध हथियार मामले में अभी तक पूर्व मंत्री मंजू वर्मा को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया ?

न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर, न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने  रेप केस के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को बिहार से पंजाब की पटियाला जेल में ट्रांसफर करने के आदेश भी जारी किए थे।

दरअसल मंजू वर्मा के बेगुसराय के घर से अवैध तरीके से रखे गए 50 कारतूस बरामद किए गए थे। इसके बाद 9 अक्तूबर को पटना हाईकोर्ट ने मंजू वर्मा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट को देखने के बाद इसे चौंकाने वाला बताते हुए मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों ना निष्पक्ष जांच के लिए उसे बिहार से बाहर की जेल में ट्रांसफर कर दिया जाए ?

पीठ ने सीबीआई द्वारा सौंपी गई स्टेटस रिपोर्ट देखने पर कहा था कि इसमें जो जानकारी दी गई है वो डराने वाली हैं। शेल्टर होम में लड़कियों को बेहोशी की दवा देने के साथ-साथ उन्हें प्रताड़ित किया जाता रहा लेकिन ठाकुर के खौंफ के चलते आसपास के लोग भी चुप रहे। पीठ ने कहा कि आखिर यह हो क्या रहा है ? सरकार क्या कर रही है ? इस मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर पर सीबीआई ने जो आरोप लगाए हैं, वो बेहद गंभीर हैं। पीठ ने ब्रजेश ठाकुर को नोटिस जारी करते हुए पूछा था कि क्यों ना उसे राज्य के बाहर दूसरी जेल में भेजा जाए। सीबीआई ने बताया था कि ब्रजेश ठाकुर जांच को प्रभावित  करने की कोशिश कर रहा है। बिहार सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार ने भी पीठ के सुझाव से सहमति जताई। हालांकि उन्होंने कहा कि राज्य में दो जेल ऐसी हैं जिनमें TADA के आरोपियों को भी रखा जा सकता है।

वहीं अमिक्स क्यूरी अपर्णा भट्ट ने कोर्ट को बताया कि अभी तक शेल्टर होम की इमारत तो गिराया नहीं गया है और इसे सील किया गया है। फिलहाल सीबीआई को इस इमारत की फोरेंसिक जांच की जरूरत पड़ सकती है, इसलिए इसे अभी गिराया नहीं जाना चाहिए।

वहीं पीठ ने यह सवाल भी किया था कि पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा को अब तक क्यों गिरफ्तार नहीं किया गया।  उसकी तलाश  में देरी क्यों की जा रही है ?

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