सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद पुलिस को राकेश अस्थाना के खिलाफ शिकायत करने वाले सतीश सना को पर्याप्त सुरक्षा देने के निर्देश दिए

सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद पुलिस को राकेश अस्थाना के खिलाफ शिकायत करने वाले सतीश सना को पर्याप्त सुरक्षा देने के निर्देश दिए

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को हैदराबाद पुलिस को सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ घूस लेने की शिकायत करने वाले  सतीश सना को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने के आदेश दिए हैं। हालांकि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस यू यू ललित और जस्टिस के एम जोसेफ की पीठ ने 29 अक्तूबर को सीबीआई के जांच में शामिल होने के नोटिस पर रोक लगाने   से इनकार कर दिया।

सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा, “ आप कहते हैं कि आप व्सिलब्लोअर हैं। ऐसे में आपको सुरक्षा की जरूरत है।”

पीठ ने सना की वो मांग भी ठुकरा दी जिसमें कहा गया था कि जांच की निगरानी कर रहे जस्टिस ए के पटनायक की देखरेख में पूछताछ की जाए।

गौरतलब है कि अस्थाना के खिलाफ शिकायतकर्ता हैदराबाद निवासी सतीश सना द्वारा दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की। अर्जी में सुप्रीम कोर्ट से 29 अक्तूबर को सीबीआई के जांच में शामिल होने के नोटिस पर रोक लगाने की मांग की गई थी। सना ने कहा था कि वो जांच में सहयोग करने को तैयार है और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज जस्टिस ए के पटनायक की निगरानी में बयान देने को तैयार है।

सना ने कहा कि 20 अक्तूबर को ही सीबीआई के साथ- साथ मजिस्ट्रेट के सामने ही बयान दर्ज करा चुका है। 26 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की और इसी दिन जल्दबाजी में शाम 5.30 बजे उसके घर पर नोटिस चिपका दिया गया। सीबीआई ने उसे 29 अक्तूबर को बयान के लिए नोटिस जारी किया है जबकि वो पहले ही बयान रिकार्ड करा चुका है।

 अर्जी में कहा गया कि सीबीआई के अफसर बयान के बहाने उसे केस वापस लेने के लिए डरा धमका सकती है। इसके अलावा उसे जान का खतरा या आजादी छिनने का खतरा भी है। जब तक जांच पूरी नहीं होती हैदराबाद पुलिस को उसकी सुरक्षा करने के निर्देश दिए जाएं।