सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ और जावेद आनंद की अग्रिम जमानत 31 मई तक बढ़ाई, कहा कि गुजरात की कोर्ट में दाखिल करें अर्जी

सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ और जावेद आनंद की अग्रिम जमानत 31 मई तक बढ़ाई, कहा कि गुजरात की कोर्ट में दाखिल करें अर्जी

गुजरात में दर्ज एक FIR के सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट ने  सामाजिक कार्यकर्ता  तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति जावेद आनंद की अग्रिम जमानत 31 मई तक बढ़ाते हुए दोनों को निर्देश दिया है कि वो अग्रिम जमानत या कानूनी राहत के लिए गुजरात की कोर्ट में अर्जी दाखिल करें। इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने दोनों को दो मई तक ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी। इसके खिलाफ गुजरात सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

सोमवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस कुरियन जोसफ, जस्टिस नवीन सिन्हा और जस्टिस मोहन एम शांतनागौदर की बेंच ने कहा कि जब तक ये FIR गुजरात में है, उन्हें गुजरात की अदालत ही जाना होगा।

सुनवाई के दौरान गुजरात की ओर से पेश AG तुषार मेहता ने कहा कि ये केस गुजरात का है और अहमदाबाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल इस केस में दोनों को गिरफ्तार करने का पुलिस का कोई इरादा भी नहीं है। ये मामला गुजरात का है लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने अधिकारक्षेत्र से बाहर उन्हें ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी है।

वहीं तीस्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सीयू सिंह ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये शिकायत महाराष्ट्र के लिए की गई थी और गुजरात से इसका कोई लेना देना नहीं है। तीस्ता अभी बाहर हैं और वो 15 मई को वापस लौटेंगी। पीठ ने कहा कि वो 31 मई तक अग्रिम जमानत दे रहे हैं लेकिन इस दौरान आरोपियों को गुजरात की अदालत में अर्जी दाखिल करनी होगी।

दरअसल गुजरात पुलिस ने जनवरी में सीतलवाड़, जावेद और अन्य लोगों के खिलाफ गुजरात में धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और हेट स्पीच का केस दर्ज किया था। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि दोनों ने मानव संसाधन और विकास मंत्रालय के कुछ अधिकारियों से साठ-गांठ कर खोज नाम के एनजीओ के लिए 2010 से 2013 के बीच 1.4 करोड़ रुपये लिए लेकिन रकम का इस्तेमाल निजी कार्यों के लिए किया। तीस्ता की ओर से एफआईआर को निराधार बताया गया था। अहमदाबाद पुलिस ने 1 अप्रैल को नोटिस जारी कर तीस्ता को  पेश होने के लिए कहा था लेकिन तीस्ता ने ट्रायल कोर्ट से 10-15 मई तक कनाडा और अमेरिका जाने की इजाजत ले ली थी। तीस्ता और आनंद ने बॉम्बे

हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी थी। कोर्ट ने दोनों को 25,000 रुपए के बॉन्ड पर उन्हें जमानत दे दी। हाईकोर्ट ने तीस्ता से गुजरात पुलिस के सामने 6 अप्रैल को 10 बजे पेश होने के लिए कहा था।