छत्तीसगढ़ अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर मामला : सुप्रीम कोर्ट ने जांच की मांग वाली याचिका खारिज की

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा एक दशक पहले लाखों डॉलर में खरीदे गए अगस्ता वेस्टलैंड वीआईपी हेलीकॉप्टर मामले की SIT जांच नहीं होगी।

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस आदर्श कुमार गोयल और जस्टिस यू यू ललित की बेंच ने स्वराज अभियान की याचिका को खारिज कर दिया है। मंगलवार को फैसला सुनाते हुए बेंच ने कहा कि इस मामले  में याचिकाकर्ता की बात मानने का कोई आधार नहीं मिला है। 31 जनवरी को बेंच ने इस मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

इससे पहले बेंच ने छत्तीसगढ़ सरकार को एक हफ्ते के भीतर हेलीकॉप्टर खरीदने संबंधी सारे मूल दस्तावेज पेश करने को कहा था।

ये आदेश स्वराज अभियान की प्रशांत भूषण के माध्यम से दाखिल याचिका पर आया है  इसमें आरोप लगाया गया है कि इस खरीद के लिए घूस दी गई और 30 फीसदी कमीशन दिया गया।

याचिका में कहा गया  था कि मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह भी इस विवाद से जुडे हैं क्योंकि 6.3 मिलियन डालर के हेलीकॉप्टर खरीदने के छह महीने बाद उन्होंने एक शेल कंपनी बनाई।

हालांकि शुरुआत में बेंच इस याचिका पर सुनवाई नहीं नहीं करना चाहती थी क्योंकि ये 2007 में खरीदा गया था, लेकिन प्रशांत भूषण ने दलील दी थी कि जनहित ये जुडे किसी मामले को देरी के आधार पर अलग नहीं रखा जा सकता। उन्होंने कहा कि ये जानकारी RTI के जरिए उन्हें अभी मिली है। कोई ये कैसे उम्मीद कर सकता है कि जो लोग दफ्तर में बैठे हैं और सब नियंत्रित कर रहे हैं, वो लोग जानकारी देंगे ? इससे साफ होता है कि हेलीकॉप्टर की खरीद में कमीशन दिया गया था। प्रशांत भूषण ने ये भी कहा था कि ये कोई संयोग नहीं हो सकता कि रमन सिंह के बेटे ने कथित तौर पर ब्रिटिश विर्जिन आईलैंड में उसी वक्त बैंक अकाउंट खोला जब राज्य द्वारा हेलीकॉप्टर खरीदा गया। हालांकि कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में नोटिस जारी करने से पहले कोर्ट केंद्र सरकार से प्रारंभिक जवाब चाहता है क्योंकि सीबीआई पहले से ही अगस्ता वेस्टलैंड से संबंधित इसी तरह के केस की जांच कर रही है।

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