वकील भाग्यशाली हैं ..चाय- कॉफी ब्रेक पर जा सकते हैं लेकिन हम नहीं : जस्टिस चंद्रचूड

  “आप भाग्यशाली हैं … आप एक कॉफी ब्रेक पर जा सकते हैं लेकिन हम नहीं जा सकते। बॉम्बे हाईकोर्ट के एक कोर्टरूम में हवा के जरिये चाय और कॉफी की सुगंध आती थी और हमारे लिए इसे सहन करना बहुत मुश्किल था,”  न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड 

  – न्यायाधीश लोया मामले की हाई वोल्टेज सुनवाई के बीच में न्यायाधीशों द्वारा अचानक 10 मिनट का ब्रेक लिया गया और कुछ अदालत ने मज़ाक उड़ाया———-

  वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने न्यायाधीश लोया की “रहस्यमय मौत” मामले में  याचिकाकर्ताओं के आरोपों पर सवाल उठाते हुए महाराष्ट्र सरकार की तरफ से अपने तर्कों को अभी शुरू किया था। 25 मिनट की अवधि के दौरान, जब महाराष्ट्र सरकार की दलीलें चल रही थीं तो मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड की बेंच उठने लगी।

अदालत में मामले में संबंधित वकीलों की बड़ी संख्या में मौजूदगी थी और वकील व मीडिया आश्चर्यचकित था कि अचानक क्या हुआ? उठते हुए न्यायमूर्ति चंद्रचूड ने कहा, “हम सिर्फ दस मिनट का ब्रेक ले रहे हैं”, मुख्य न्यायाधीश मिश्रा ने अनुमोदन में सिर हिलाया।

   दस मिनट के ब्रेक के बाद न्यायाधीश वापस आए।न्यायमूर्ति चंद्रचूड ने इस मामले में पार्टियों का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे “ कितने अनुकूल  ” हैं।   एडवोकेट दुष्यंत दवे कहते हैं, “यहां तक ​​कि हम भी कॉफी ब्रेक के लिए जाते हैं।”   न्यायमूर्ति चंद्रचूड कहते हैं:  “आप भाग्यशाली हैं … आप एक कॉफी ब्रेक पर जा सकते हैं लेकिन हम नहीं जा सकते। बॉम्बे हाईकोर्ट के एक कोर्टरूम में हवा के जरिये चाय और कॉफी की सुगंध आती थी और हमारे लिए इसे सहन करना बहुत मुश्किल था।”

रोहतगी ने जारी रखा………….

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