सिक्कम हाई कोर्ट ने दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टेब्लिसमेंट एक्ट की धारा-6 की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा [निर्णय पढ़ें]

सिक्कम हाई कोर्ट ने हाल ही में दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टेब्लिसमेंट एक्ट की धारा-6 की संवैधानिक वैधता को सही ठहराया है।

 हाई कोर्ट ने कहा कि संसंद केंद्रीय सूची के 80 प्रविष्टियों के तमाम प्रावधानों पर गौर कर सकता है। इसके तहत वह मंजूरी के बाद संबंधित राज्य सरकार तक डीएसपीई मेंबर को अधिकार देता है कि वह राज्यों में अपने क्षेत्राधिकार का इस्तेमाल करे।

 याचिका में डीएसपीई अधिनियम की संवैधानिकता को चुनौती दी गई थी जिसमें राज्य सरकार को इसकी छानबीन की अनुमति देने का अधिकार है। इसके लिए सिक्कम के कुछ विधायक और निवासियों ने हाई कोर्ट में अर्जी दिया। याचिका में कहा गया था कि विधायी स्कीम के तहत संसद को यह अधिकार नहीं है कि वह डीएसपीई के क्षेत्राधिकार को किसी और राज्य तक बढ़ा दे और इसके लिए संबंधित राज्य की अनुमति भी न ले। लेकिन हाई कोर्ट ने इस संवैधानिक प्रावधान को सही ठहराया है।

 हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सतीश के. अग्निहोत्री की पीठ ने कहा कि राज्य सरकार को अधिकार है कि वह संबंधित प्रावधानों के तहत मंजूरी दे या फिर उसे वापस ले। छानबीन के लिए सहमति वापस लेने का प्रावधान आखिरी नहीं है। ये किसी भी विशेष अपराध में भविष्य में किसी भी स्टेज पर सहमति दी जा सकती है या फिर उसे वापस लिया जा सकता है। अर्जी खारिज करते हुए हाई कोर्ट ने उक्त टिप्पणी की।

 गौररतलब है कि नवंबर 2013 में गुवाहाटी हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी थी कि 1963 के प्रशासनिक आदेश के तहत सीबीआई की स्थापना की गई थी वह गैरसंवैधानिक है और इसके लिए जो क़ानून पास किया गया था वह गैरसंवैधानिक है। लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के इस आदेश पर रोक लगा दी थी और मामला अभी भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

 

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