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सीआरपीसी की धारा 482 : हाईकोर्ट को कारण बताना चाहिए क्यों याचिका स्वीकार की गई या खारिज की गई-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]सीआरपीसी की धारा 482 : हाईकोर्ट को कारण बताना चाहिए क्यों याचिका स्वीकार की गई या खारिज की गई-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर से स्पष्ट कर दिया है कि हाईकोर्ट के लिए यह कारण बताना अनिवार्य है कि आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता यानि सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दायर याचिका को स्वीकार या अस्वीकार क्यों...

सीआरपीसी की धारा 362 के तहत किसी अदालती आदेश या फ़ैसले की समीक्षा, इसकी वापसी या इसमें बदलाव नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]सीआरपीसी की धारा 362 के तहत किसी अदालती आदेश या फ़ैसले की समीक्षा, इसकी वापसी या इसमें बदलाव नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 482 के तहत हाईकोर्ट के एक आदेश को ख़ारिज करते हुए कहा कि अदालती आदेश की समीक्षा के लिए आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए था। एक वक्ति पर आईपीसी की धारा 364 और...

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने झूठा हलफनामा दायर करनेवाले अधिवक्ता पर 2 लाख का जुर्माना लगाया [निर्णय पढ़ें]
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने झूठा हलफनामा दायर करनेवाले अधिवक्ता पर 2 लाख का जुर्माना लगाया [निर्णय पढ़ें]

इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए न्यायमूर्ति लोक पाल सिंह ने कहा कि झूठा हलफनामा दायर करना शपथ भंग करने जैसा है क्योंकि हलफनामा को आईपीसी की धारा 191 के तहत साक्ष्य माना गया है। जज ने हालांकि, इस मामले...

कभी-कभी ऐसा भी होता है ! पटना हाईकोर्ट ने आपराधिक अपील पर अपना फैसला वापस लिया
कभी-कभी ऐसा भी होता है ! पटना हाईकोर्ट ने आपराधिक अपील पर अपना फैसला वापस लिया

' हालांकि सीआरपीसी की धारा 482 अंतर्निहित क्षेत्राधिकार के तहत उच्च न्यायालय की शक्ति को निर्धारित व सही ढंग से पहचानती है और उसकी सीमा असीमित रही है। ' क्या आपराधिक अपीलीय क्षेत्राधिकार का इस्तेमाल...

अदालत से 1750 किमी दूर रहने वाले आरोपी को कोर्ट में मौजूद रहने से छूट नहीं देने के मजिस्ट्रेटी आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त किया [निर्णय पढ़ें]
अदालत से 1750 किमी दूर रहने वाले आरोपी को कोर्ट में मौजूद रहने से छूट नहीं देने के मजिस्ट्रेटी आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त किया [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने हाल में एक मजिस्ट्रेट के उस आदेश को निरस्त कर दिया जिसमें हजारों किलोमीटर दूर रहने वाले आरोपी को अदालत में मौजूद रहने से छूट नहीं दी गई थी। आरोपी के खिलाफ एक महिला ने धारा 498A के...

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