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चोरी की घटना कैसे लूट बन जाती है? लूट कैसे डकैती बनती है? कानून की इन बारिकियों को समझेंचोरी की घटना कैसे लूट बन जाती है? लूट कैसे डकैती बनती है? कानून की इन बारिकियों को समझें

भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 378 से लेकर धारा 462 तक संपत्ति के विरुद्ध अपराध के संबंध में हैं। समाज में व्यक्ति अपनी संपत्ति का स्वतंत्र और बिना किसी रोक टोक के इस्तेमाल करना चाहता है। वह अपनी...

दहेज मांगने पर प्रताड़ना ना होने पर किसी को 304 बी के तहत दोषी नहीं ठहराया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]दहेज मांगने पर प्रताड़ना ना होने पर किसी को 304 बी के तहत दोषी नहीं ठहराया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा है कि भारतीय दंड संहिता की धारा 304 बी के तहत दोष तभी लगाया जा सकता है, जब महिला को उसके पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा उसकी मौत से ठीक पहले दहेज की मांग के संबंध में क्रूरता...

समझिये कैसे IPC की धारा 77 एवं 78 के अंतर्गत न्यायिकतः एवं न्यायिक आदेश एवं निर्णय के अनुसरण में किये गए कार्य को साधारण अपवाद का लाभ मिलता हैं? [
समझिये कैसे IPC की धारा 77 एवं 78 के अंतर्गत न्यायिकतः एवं न्यायिक आदेश एवं निर्णय के अनुसरण में किये गए कार्य को साधारण अपवाद का लाभ मिलता हैं? ['साधारण अपवाद श्रृंखला' 5]

पिछले लेख में हमने विस्तार से समझा कि आखिर क्षम्य (Excusable) कृत्य के अंतर्गत किन परिस्थितियों में मत्तता (Intoxication) के दौरान किये गए कृत्य (धारा 85-86) किसी भी अपराध के लिए कब अपवाद बन...

समझिये IPC की धारा 85 एवं 86 के अंतर्गत Intoxication (मत्तता) का बचाव क्या है और किन परिस्थितियों में मिलता है इसका लाभ? [
समझिये IPC की धारा 85 एवं 86 के अंतर्गत Intoxication (मत्तता) का बचाव क्या है और किन परिस्थितियों में मिलता है इसका लाभ? ['साधारण अपवाद श्रृंखला' 4]

पिछले लेख में हमने समझा कि क्षम्य (Excusable) कृत्य के अंतर्गत किन परिस्थितियों में विकृत-चित्त व्यक्ति का कार्य (धारा 84), किसी भी अपराध के लिए कब अपवाद बन सकता है। इस धारा के अंतर्गत हमने...

धारा 498 ए भारतीय दंड संहिता: सुप्रीम कोर्ट के हाल के फैसले
धारा 498 ए भारतीय दंड संहिता: सुप्रीम कोर्ट के हाल के फैसले

धारा 498A भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत शिकायतें एक ऐसी जगह पर दायर की जा सकती हैं, जहां एक महिला, जो अपने वैवाहिक घर से बाहर निकाली गयी है, आश्रय लेती है [रूपाली देवी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य]इस...

लापता नाबालिग लड़की की जांच में कोताही : बॉम्बे हाईकोर्ट ने मौत होने पर मां- बाप को दस लाख रुपये देने का आदेश दिया [निर्णय पढ़े]
लापता नाबालिग लड़की की जांच में कोताही : बॉम्बे हाईकोर्ट ने मौत होने पर मां- बाप को दस लाख रुपये देने का आदेश दिया [निर्णय पढ़े]

एक अभूतपूर्व फैसले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को एक नाबालिग लड़की के माता-पिता को जांच में कोताही बरतने के लिए 10 लाख रुपये बतौर मुआवजा देने का निर्देश दिया है। इस मामले में लड़की लापता हो गई...

गुवहाटी हाईकोर्ट ने फेसबुक पर प्रधानमंत्री की अश्लील फोटो पोस्ट करने के आरोपी कि  जमानत याचिका खारिज की [आर्डर पढ़े]
गुवहाटी हाईकोर्ट ने फेसबुक पर प्रधानमंत्री की अश्लील फोटो पोस्ट करने के आरोपी कि जमानत याचिका खारिज की [आर्डर पढ़े]

गुवहाटी हाईकोर्ट ने अपने फेसबुक वाॅल पर भारत के प्रधानमंत्री की एक अश्लील फोटो पोस्ट करने के आरोपी व्यक्ति द्वारा दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।मोहम्मद करीम खान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की...

मात्र शिकायतकर्ता व आरोपी के बीच लंबित सिविल केस,नहीं हो सकता है आपराधिक केस खत्म करने का कारण-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
मात्र शिकायतकर्ता व आरोपी के बीच लंबित सिविल केस,नहीं हो सकता है आपराधिक केस खत्म करने का कारण-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ इस कारण से कि शिकायतकर्ता व आरोपी के बीच सिविल केस लंबित है, कोई आपराधिक केसरद्द या खत्म नहीं किया जा सकता है ।इस मामले में दो व्यक्ति भारतीय दंड संहिता की धारा...

समझिये IPC के अंतर्गत क्षम्य एवं तर्कसंगत कृत्य : धारा 76 एवं 79 में
समझिये IPC के अंतर्गत क्षम्य एवं तर्कसंगत कृत्य : धारा 76 एवं 79 में 'तथ्य की भूल' विशेष ['साधारण अपवाद श्रृंखला' 1]

भारतीय दंड संहिता का चैप्टर IV (4th), 'साधारण अपवाद' (General exception) की बात करता है। जैसा कि नाम से जाहिर है, यह अध्याय उन परिस्थितियों की बात करता है जहाँ किसी अपराध के घटित हो जाने के बावजूद भी...

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