Download App
  • Download Livelaw Android App
  • Download Livelaw IOS App
Follow Us
वित्तीय अभाव घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत आर्थिक उत्पीड़न है : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]वित्तीय अभाव घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत आर्थिक उत्पीड़न है : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]

एक महत्त्वपूर्ण निर्णय में बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि वित्तीय अभाव घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत आर्थिक उत्पीड़न की श्रेणी में आता है। अदालत ने कहा कि अगर संयुक्त परिवार की कोई विधवा जिसे वित्तीय...

ईवीएम पर चुनाव आयोग के निर्देश का मामला : बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने कांग्रेस उम्मीदवार की याचिका पर रविवार को दिया निर्णय [आर्डर पढ़े]ईवीएम पर चुनाव आयोग के निर्देश का मामला : बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने कांग्रेस उम्मीदवार की याचिका पर रविवार को दिया निर्णय [आर्डर पढ़े]

रविवार को अमूमन अदालत किसी मामले की सुनवाई नहीं करती, हालाँकि हमने सुप्रीम कोर्ट की आधी रात की सुनवाई के बारे में सुना है। पर बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने रविवार को सुनवाई कर एक फ़ैसला दिया है। ...

हर संत एक अतीत है और हर पापी का एक भविष्य है : बॉम्बे हाईकोर्ट ने डकैती के आरोप में सज़ा पाए लड़कों को दी राहत [निर्णय पढ़े]
हर संत एक अतीत है और हर पापी का एक भविष्य है : बॉम्बे हाईकोर्ट ने डकैती के आरोप में सज़ा पाए लड़कों को दी राहत [निर्णय पढ़े]

एक फ़ैसला सुनाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने ऑस्कर वाइल्ड को उद्धृत किया। कोर्ट ने कहा कि परिस्थितियाँ ऐसी थीं जिसकी वजह से इन लोगों को क़ानून को तोड़ने के लिए बाध्य होना पड़ा।नागपुर पीठ के न्यायमूर्ति...

मालेगांव धमाका 2008: क़ानून में दस्तावेज़ों के फ़ोटो प्रतियों का प्रयोग ग़लत; बॉम्बे हाईकोर्ट ने फ़ोटोकॉपी को द्वितीयक साक्ष्य के रूप में स्वीकार करने के NIA अदालत के आदेश को स्थगित किया
मालेगांव धमाका 2008: क़ानून में दस्तावेज़ों के फ़ोटो प्रतियों का प्रयोग ग़लत; बॉम्बे हाईकोर्ट ने फ़ोटोकॉपी को द्वितीयक साक्ष्य के रूप में स्वीकार करने के NIA अदालत के आदेश को स्थगित किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि असत्यापित और फ़ोटोकॉपी किए गए दस्तावेज़ों का प्रयोग क़ानून ग़लत है और इस संबंध में 2008 के मालेगांव विस्फोट में गवाहों और कबूलनामे की फ़ोटो प्रतियों और असत्यापित...

मेडिकल रिपोर्ट के बावजूद बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को क़ानूनन मानसिक रूप से पागल माना [निर्णय पढ़े]
मेडिकल रिपोर्ट के बावजूद बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को क़ानूनन मानसिक रूप से पागल माना [निर्णय पढ़े]

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल में एक व्यक्ति को क़ानूनी रूप से पागल बताया जबकि यरवदा मानसिक अस्पताल ने उसे पागल क़रार नहीं दिया था। यह आदेश न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और न्यायमूर्ति आरजी अवचट की पीठ ने...

भीमा- कोरेगांव हिंसा : SC  ने चार्जशीट दाखिल करने की मोहलत रद्द करने वाले बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को रद्द किया
भीमा- कोरेगांव हिंसा : SC ने चार्जशीट दाखिल करने की मोहलत रद्द करने वाले बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को रद्द किया

महाराष्ट्र के भीमा- कोरेगांव हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया जिसमें UAPA मामले में 05 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने के...

भीमा कोरेगांव हिंसा : बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी   तेलतुंबडे को पुणे पुलिस के सामने पेश होने को कहा, गिरफ्तारी की सूरत में देनी होगी जमानत
भीमा कोरेगांव हिंसा : बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी तेलतुंबडे को पुणे पुलिस के सामने पेश होने को कहा, गिरफ्तारी की सूरत में देनी होगी जमानत

महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में आरोपी एक्टिविस्ट आनंद तेलतुंबडे की याचिका पर सुनवाई कर रहे बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई को 22 फरवरी तक के लिए टाल दिया है। लेकिन हाई कोर्ट ने...

अगर पत्नी अपने पति के रिश्तेदारों के व्यवहार से ख़ुश नहीं है तो उसका अलग रहना और गुज़ारा ख़र्च माँगना जायज़ है : बॉम्बे हाईकोर्ट
अगर पत्नी अपने पति के रिश्तेदारों के व्यवहार से ख़ुश नहीं है तो उसका अलग रहना और गुज़ारा ख़र्च माँगना जायज़ है : बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर पत्नी पति के मां-बाप के व्यवहार से ख़ुश नहीं है और उनके साथ रहने में असुविधा महसूस कर रही है तो उसका अलग रहना और इस पर आने वाले ख़र्च की माँग करना जायज़ है। ...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 23 सालों से जेल में बंद हत्या के आरोपी को अवधि से पहले छोड़े जाने पर राज्य सरकार को ग़ौर करने को कहा [निर्णय पढ़े]
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 23 सालों से जेल में बंद हत्या के आरोपी को अवधि से पहले छोड़े जाने पर राज्य सरकार को ग़ौर करने को कहा [निर्णय पढ़े]

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गत माह हत्या के एक अभियुक्त को राहत दी और कहा जेल में 24 साल बिताने के बाद उसे जेल से समय से पहले रिहा करने पर ग़ौर किया जाएगा।विट्ठल पुंडलिक जेंदगे ने हाईकोर्ट में आपराधिक रिट...

Share it
Top