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विवरणों का पूरा ख़ुलासा करने की ज़िम्मेदारी बीमित व्यक्ति की है, बीमाकर्ता को अपर्याप्त ख़ुलासे के बार में बताने को कहकर उस पर इसका अनावश्यक बोझ नहीं डाला जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]विवरणों का पूरा ख़ुलासा करने की ज़िम्मेदारी बीमित व्यक्ति की है, बीमाकर्ता को अपर्याप्त ख़ुलासे के बार में बताने को कहकर उस पर इसका अनावश्यक बोझ नहीं डाला जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह बीमित व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह बीमा प्रस्ताव प्रस्तुत करने के समय स्पष्ट रूप से विशेष जानकारियों का ख़ुलासा करे।संबंधित पॉलिसी की जहाँ तक बात है, पिछले तीन सालों में...

एनआई अधिनियम की धारा 141: इसमें शामिल हैं साझेदारी फ़र्म या व्यक्तियों के अन्य संघ [निर्णय पढ़े]एनआई अधिनियम की धारा 141: इसमें शामिल हैं साझेदारी फ़र्म या व्यक्तियों के अन्य संघ [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि धारा 141 के तहत 'कंपनी' शब्द का तात्पर्य है फ़र्म या लोगों के संघ से। इस मामले में आरोपी वैंकर कोर्पोरेट सर्विसेज़ है जो साझीदारी फ़र्म के रूप में डाटा एंट्री का काम...

सीआरपीसी  की धारा 482 के तहत हाईकोर्ट यह जाँच कर सकता है कि दीवानी मामले को आपराधिक रंग तो नहीं दिया जा रहा है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
सीआरपीसी की धारा 482 के तहत हाईकोर्ट यह जाँच कर सकता है कि दीवानी मामले को आपराधिक रंग तो नहीं दिया जा रहा है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सीआरपीसी की धारा 482 के तहत अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए हाईकोर्ट इस बात की पड़ताल कर सकता है कि जो मामला दीवानी प्रकृति का है उसे आपराधिक मामला तो नहीं बनाया जा रहा...

क़ानून चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में हुई प्रगति का ख़याल रखे:सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल लापरवाही पीड़ित के पति को 15 लाख मुआवजा दिया [निर्णय पढ़े]
क़ानून चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में हुई प्रगति का ख़याल रखे:सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल लापरवाही पीड़ित के पति को 15 लाख मुआवजा दिया [निर्णय पढ़े]

हमारे क़ानून को चिकित्सा विज्ञान में हुई प्रगति का ख़याल रखना चाहिए और यह सुनिश्चत करना चाहिए कि मरीज़ को मदद पहुँचाने वाले रूख अपनाए जाएँ। न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ ने हाल ही में एक मामले में अपनी...

किसी भी अथॉरिटी को यह विशेषाधिकार नहीं है कि वह SC के फ़ैसले को नहीं माने : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
किसी भी अथॉरिटी को यह विशेषाधिकार नहीं है कि वह SC के फ़ैसले को नहीं माने : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला नहीं मानने का विशेषाधिकार रखने का दावा कोई भी अथॉरिटी नहीं कर सकता।न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने वैज्ञानिक तथा...

NI अधिनियम की धारा 138: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, निदेशक के ख़िलाफ़ शिकायत पर तब तक सुनवाई नहीं जब तक कम्पनी को आरोपी नहीं बनाया जाता
NI अधिनियम की धारा 138: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, निदेशक के ख़िलाफ़ शिकायत पर तब तक सुनवाई नहीं जब तक कम्पनी को आरोपी नहीं बनाया जाता

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कंपनी के निदेशक के ख़िलाफ़ चेक बाउंस की शिकायत पर तब तक सुनवाई नहीं हो सकती जब तक कि उस कम्पनी के ख़िलाफ़ शिकायत नहीं दर्ज की जाती। , की पीठ ने हाईकोर्ट के उस आदेश को भी...

पक्षों के बीच सुलह होने की वजह से आईपीसी की धारा 307 के तहत मामले को निरस्त नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
पक्षों के बीच सुलह होने की वजह से आईपीसी की धारा 307 के तहत मामले को निरस्त नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आईपीसी के धारा 307 के तहत हुए अपराधों को इसलिए समाप्त नहीं किया जा सकता क्योंकि शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच सुलह हो गई है क्योंकि यह एक ग़ैर-प्रशम्य (non-compoundable)...

आधार मीडिया सोशल हब: AG ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, याचिकाकर्ता के सुझावों को शामिल करने को तैयार
आधार मीडिया सोशल हब: AG ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, याचिकाकर्ता के सुझावों को शामिल करने को तैयार

सुप्रीम कोर्ट ने  आधार प्राधिकरण के कथित कदम को चुनौती देने वाली पीआईएल पर अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल को अपना जवाब दाखिल करने को कहा है जिसमें आरोप लगाया गया है कि  सोशल मीडिया प्लेटफार्मों जैसे...

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