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बाद के दायित्व के लिए जारी चेक का बाउंस होना स्पष्टतौर पर नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स  एक्ट यानि परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत -छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट  [आर्डर पढ़े]बाद के दायित्व के लिए जारी चेक का बाउंस होना स्पष्टतौर पर नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट यानि परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत -छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मदन तिवारी बनाम यशंत कुमार साहू और अन्य के केस में माना है कि बाद के दायित्व के निर्वहन के लिए जारी किया गया चेक अगर बाउंस हो जाता है तो वह स्पष्ट तौर परनेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स ...

सेक्शन 138 एनआई एक्ट-अगर शिकायतकर्ता ने आईटी रिटर्न दायर नहीं की है तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसके पास नहीं है आय का कोई स्रोत्र-एमपी हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]सेक्शन 138 एनआई एक्ट-अगर शिकायतकर्ता ने आईटी रिटर्न दायर नहीं की है तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसके पास नहीं है आय का कोई स्रोत्र-एमपी हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के एक मामले में कहा है कि अगर शिकायतकर्ता ने इनकम टैक्स रिटर्न दायर नहीं की है,इसका मतलब यह नहीं है कि उसके पास आय का कोई स्रोत्र नहीं है। कोर्ट नेगोटिएबल इंस्टरूमेंट...

नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंटस (संशोधन) बिल-2017 लोकसभा में पेश [बिल पढ़े]
नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंटस (संशोधन) बिल-2017 लोकसभा में पेश [बिल पढ़े]

चेक बाउंस से संबंधित कार्यवाही में देरी को कम करने और ऐसे मामलों में आदाता के लिए अंतरिम राहत प्रदान करने के उद्देश्य से नियोजन योग्य उपकरण (संशोधन) विधेयक 2017 को मंगलवार को लोकसभा में पेश किया...

मुआवजे को लेकर संतुष्ट होने पर कोर्ट शिकायतकर्ता की सहमति के बिना भी बंद कर कर सकता है चेक बाउंस केस : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
मुआवजे को लेकर संतुष्ट होने पर कोर्ट शिकायतकर्ता की सहमति के बिना भी बंद कर कर सकता है चेक बाउंस केस : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के सेक्शन 138 के तहत किसी आरोपी को आरोप मुक्त किया जा सकता है भले ही शिकायतकर्ता की सहमति ना हो लेकिन कोर्ट इस पर संतुष्ट हो जाए कि...

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