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बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में आईपीसी की धारा 498-A और 306 के तहत दंडित व्यक्ति को संदेह का लाभ देते हुए उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप से...

बॉम्बे हाइकोर्ट ने कहा है कि आपराधिक क़ानून (संशोधन) विधेयक 2013 को पिछले प्रभाव से लागू नहीं किया जा सकता। इस आधार पर कोर्ट ने बलात्कार के एक आरोपी की...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अलग रह रहे दंपति को यह कहते हुए तलाक़ की अनुमति दे दी है कि उनके बीच शादी अब मात्र काल्पनिक रूप में रह गया है। न्यायमूर्ति...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में पुणे की सत्र अदालत के एक फ़ैसले को सही ठहराते हुए चंद्रभागा बोरहाडे की याचिका को स्वीकार कर लिया जिसमें उन्होंने सीआरपीसी की धारा...

‘नपुंसक’शब्द को जब उसके अपने सादे और व्याकरणिक अर्थ में समझा जाता है, तो यह किसी व्यक्ति के मनोदशा पर प्रतिकूल रूप से प्रतिबिंबित होता है और ऐसी स्थिति बन सकती है की उसव्यक्ति का दूसरे लोग उपहास करें। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि याचिका में पति को नपुंसक बताना ‘मानहानि’ हो सकती है। एक पति ने मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें उसने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी ने उच्च न्यायालय के समक्ष दायर याचिका में  उसे नपुंसक बताकर उसकी मर्दानगी पर ऊँगली उठाई है इस याचिका पर मजिस्ट्रेट ने पत्नी को सम्मन जारी किया जिसे उसने हाईकोर्ट में चुनौती दी। उच्च न्यायालय ने पत्नी के वकील की इस दलील को खारिज कर दिया कि जब भी मुकदमेबाजी में कोई आरोप सही साबित होता है, तो यह आईपीसी की धारा 499 के अर्थ में मानहानि के तहत नहींआता है। यह भी तर्क दिया गया था कि जब किसी दायर शिकायत का आधार सिविल कार्यवाही में दायर कोई शिकायत हो तो अगर यह गलत पाया गया, तो यह अपराध आईपीसी की धारा 500 केतहत दंडनीय मानहानि नहीं होगा, लेकिन झूठी गवाही देने का अपराध आईपीसी की धारा 193 के तहत दंडनीय है। इस बारे में दी गई दलील को अस्वीकार करते हुए, अदालत ने कहा : “…यदि गैर आवेदक यह कहता है कि इस शब्द का इस्तेमाल किसी अन्य अर्थ में किया गया है, तो भी यह गैर-आवेदक की गर्भधारणा की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली स्थिति की ओर इशारा करता है और इसे सबूत के साथ साबित करना होगा। पर इस स्तर पर, स्पष्ट रूप से शब्द द्वारा इंगित अर्थ को लेना होगा जैसा कि यहहै… इसलिए, यह अपराध आईपीसी की धारा 500 के तहत दंडनीय है।”...

हाल के एक फैसले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 277 (लापरवाही से गाड़ी चलाने), धारा 337  और धारा 304A के तहत एक आरोपी को बरी किए जाने के फैसले पर नाराजगी जाहिर...

महाराष्ट्र के भीमा- कोरेगांव हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी है जिसमें पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने के लिए 90 दिन...

महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है जिसमें पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने के लिए...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक वरिष्ठ दंपति के पक्ष में फैसला दिया जो अपने बेटे और उसकी पत्नी के साथ खार, मुंबई के एक फ्लैट में रह रहे हैं।...

बॉम्बे हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ ने एक पत्रकार केतन तिरोदकर को तीन महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। तिरोदकर पर दो हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया...

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