जीवन साथी चुनने का अधिकार एक मौलिक अधिकार, दो व्यस्कों के बीच शादी के लिए परिवार, समुदाय या कबीले की सहमति आवश्यक नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]जीवन साथी चुनने का अधिकार एक मौलिक अधिकार, दो व्यस्कों के बीच शादी के लिए परिवार, समुदाय या कबीले की सहमति आवश्यक नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

जब दो वयस्क अपनी इच्छा से शादी करते हैं तो वे अपना रास्ता चुनते हैं; वे अपने रिश्ते को समाहित करते हैं; उन्हें लगता है कि यह उनका लक्ष्य है और उन्हें ऐसा करने का अधिकार है। सम्मान के नाम पर किसी भी...

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