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आखिर कब एक वकील की लापरवाही (Negligence), पेशेवर कदाचार (Professional Misconduct) की श्रेणी में आती है?आखिर कब एक वकील की लापरवाही (Negligence), पेशेवर कदाचार (Professional Misconduct) की श्रेणी में आती है?

गलती करना मानव का स्वभाव है। यहां तक कि एक अच्छी तरह से योग्य, अनुभवी पेशेवर भी कभी-कभी गलतियों या निर्णय की त्रुटियों के लिए प्रवण होता है।क्या पेशेवर लापरवाही (professional negligence) के सभी...

विश्वविद्यालयों में यौन शोषण: क्या कहते है २०१५ के नियमविश्वविद्यालयों में यौन शोषण: क्या कहते है २०१५ के नियम

पिछले लेखों में हमने कार्यस्थल पर यौन शोषण के विषय में कानून को समझने का प्रयास किया। उसी कड़ी में आज के लेख में हम विश्वविद्यालयों में यौन शोषण और सम्बंधित नियमों पर बात करेंगे।यूँ तो २०१३ का अधिनियम...

क्या आवासीय परिसरों को अधिवक्ताओं के कार्यालय के लिए उपयोग किया जा सकता है?
क्या आवासीय परिसरों को अधिवक्ताओं के कार्यालय के लिए उपयोग किया जा सकता है?

अधिवक्ताओं के कार्यालय को एक आवासीय स्थान से संचालित किया जा सकता है, क्योंकि इसे व्यावसायिक गतिविधि के रूप में नहीं माना जाता है। हालांकि, यह स्थानीय कानूनों द्वारा लगाए गए क्षेत्र प्रतिबंधों के...

IPC की धारा 84 के अंतर्गत Unsoundness of Mind (चित्त-विकृति) क्या है और किन परिस्थितियों में मिलता है इसका लाभ? [
IPC की धारा 84 के अंतर्गत Unsoundness of Mind (चित्त-विकृति) क्या है और किन परिस्थितियों में मिलता है इसका लाभ? ['साधारण अपवाद श्रृंखला' 3]

पिछले लेख में हमने समझा कि क्षम्य (Excusable) कृत्य के अंतर्गत किन परिस्थितियों में दुर्घटना (धारा 80) या इन्फैन्सी (धारा 82,83) किसी भीअपराध के लिए कब अपवाद बन सकती है। जहाँ दुर्घटना या...

कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम २०१३ [भाग 3]-कैसे करती है २०१३ के अधिनियम के तहत ICC/LCC काम
कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम २०१३ [भाग 3]-कैसे करती है २०१३ के अधिनियम के तहत ICC/LCC काम

पिछले भाग में हमने २०१३ के अधिनियम के तहत दो तरह की समितियों के बारे में जाना जो लैंगिक अपराध के मामलों में जांच कर एक्शन लेने का कार्य करती है. जहाँ असंगठित क्षेत्र...

कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम २०१३ [भाग २]- क्या है लोकल कंप्लेंट कमिटी और इंटरनल कंप्लेंट कमिटी ?
कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम २०१३ [भाग २]- क्या है लोकल कंप्लेंट कमिटी और इंटरनल कंप्लेंट कमिटी ?

पिछले लेख (कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम २०१३ भाग-१) में हमने लैंगिक उत्पीड़न का महिलाओं के मूल अधिकारों पर प्रभाव, लैंगिक उत्पीड़न क्या है- ये जाना. आज के लेख में हम असंगठित क्षेत्र और लैंगिक...

IPC की धारा 80, 82 एवं 83 के अंतर्गत क्षम्य कृत्य क्या हैं?: दुर्घटनावश हुए कृत्य एवं इन्फैन्सी का प्रतिवाद विशेष [
IPC की धारा 80, 82 एवं 83 के अंतर्गत क्षम्य कृत्य क्या हैं?: दुर्घटनावश हुए कृत्य एवं इन्फैन्सी का प्रतिवाद विशेष ['साधारण अपवाद श्रृंखला' 2]

पिछले लेख में हमने समझा कि भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत 'साधारण अपवाद' (General Exceptions) क्या हैं और हमने यह भी समझा कि कैसे यह अध्याय ऐसे कुछ अपवाद प्रदान करता है, जहाँ किसी व्यक्ति का...

UAPA : रिमांड की अवधि को 90 दिन से ज्यादा बढ़ाने के लिए क्या आवश्यकताएं हैं? सुप्रीम कोर्ट ने बताया
UAPA : रिमांड की अवधि को 90 दिन से ज्यादा बढ़ाने के लिए क्या आवश्यकताएं हैं? सुप्रीम कोर्ट ने बताया

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA, 1967) के तहत एक अभियुक्त को दीगई डिफाॅल्ट जमानत को रद्द करने से इंकार कर दियाIअपील पर विचार करते हुए जस्टिस ए.एम...

सीआरपीसी की धारा 202 के तहत जांच या पूछताछ करने का दायरा- सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सीआरपीसी की धारा 202 के तहत जांच या पूछताछ करने का दायरा- सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सप्ताह दिए गए एक फैसले में दंड प्रक्रिया संहिता यानि सीआरपसी की धारा 202 के तहत जांच या पूछताछ करने के दायरे के बारे मेंसमझाया।बिड़ला मामले में,जस्टिस आर.भानुमथि वाली पीठ ने...

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