पश्चिम बंगाल में रथ यात्रा : BJP की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया

पश्चिम बंगाल में रथ यात्रा : BJP की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया

पश्चिम बंगाल में रथ यात्रा को लेकर बीजेपी द्वारा दायर की गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी कर उनकी ओर से जवाब मांगा है।

पीठ ने बीजेपी को रथ यात्रा की तारीख देने को कहा है। जस्टिस एल. नागेश्वर राव और जस्टिस संजय किशन कौल की पीठ ने कहा कि इस मामले में अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में दाखिल इस याचिका में बीजेपी ने 21 दिसंबर के कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है, जिसमें हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की बेंच ने बीजेपी की प्रस्तावित रथ यात्रा की अनुमति को रद्द कर दिया था।

इससे पहले हाईकोर्ट की सिंगल जज की पीठ ने बीजेपी को रथ यात्रा की इजाजत दे दी थी जिसके बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने इस फैसले को चुनौती देते हुए, कोर्ट की बड़ी बेंच में याचिका लगाई थी।

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई अपनी याचिका में बीजेपी ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने और छुट्टियों में ही याचिका पर जल्द सुनवाई की गुहार लगाई थी लेकिन वेकेशन रजिस्ट्रार ने इससे इनकार कर दिया था।

21 दिसंबर को कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देबाशीष कारगुप्ता और न्यायमूर्ति शम्पा सरकार की खंडपीठ ने यात्रा की अनुमति को रद्द करते हुए मामला वापस एकल पीठ के पास भेजते हुए कहा था कि वह इस पर विचार करते वक्त राज्य सरकार की ओर से दी गई खु्फिया जानकारी को ध्यान में रखे।

जिसके बाद दो जजों की पीठ ने उक्त आदेश, राज्य सरकार की अपील, जिसमें उसने एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी थी, पर सुनवाई के बाद दिया।

गौरतलब है कि राज्य सरकार के तीन सबसे वरिष्ठ अधिकारियों के पैनल ने यात्रा को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। ममता सरकार के फैसले के खिलाफ बीजेपी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की और उस आदेश को रद्द करते हुए न्यायमूर्ति तापब्रत चक्रवर्ती की एकल पीठ ने बीजेपी के रथ यात्रा कार्यक्रम को मंजूरी दे दी थी।

इसके खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार ने दो जजों की पीठ के सामने इसे चुनौती दी थी। 21 दिसंबर को बड़ी बेंच ने एकल पीठ का फैसला पलटते हुए रथ यात्रा पर रोक बरकरार रखने का फैसला सुनाया था। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को उत्तर बंगाल के कूच बिहार से इस यात्रा को सात दिसंबर को हरी झंडी दिखानी थी।