सड़क पर गड्ढे : चार साल में गई 14926 लोगों की जान, SC ने कहा शायद सीमा पर या आतंकी हमले में भी नहीं मरे इतने लोग

सड़क पर गड्ढे : चार साल में गई 14926 लोगों की जान, SC ने कहा शायद सीमा पर या आतंकी हमले में भी नहीं मरे इतने लोग

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में सड़क पर बने गड्ढों से होने वाली दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों पर चिंता जताते हुए कहा है कि ये स्वीकार्य नहीं है।

न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर,  न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने गुरुवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि देश में इतने लोग सीमा पर या आतंकी हमले में नहीं मरते जितने सडकों पर गड्ढों की वजह से मर जाते हैं। कोर्ट ने कहा लोगों का इस तरह मरना दुर्भाग्यपूर्ण है।

पीठ ने इस मामले में केंद्र सरकार से  जवाब मांगा है। पीठ ने कहा है कि केंद्र सरकार सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों से सलाह कर ये जवाब दाखिल करे।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज जस्टिस के एस राधाकृष्णन की अगुवाई वाली रोड सेफ्टी कमेटी ने रिपोर्ट दाखिल की है कि देशभर में 2013 से 2017 के बीच 14926 लोगों की मौत हो चुकी है।

इससे पहले 18 सितंबर को भी  सड़कों पर गड्ढों में गिरने से हुई मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया था।  सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को फटकार लगाते हुए कहा था कि वो सड़कों पर गड्ढों को हटाने को लेकर गंभीर नही। सुप्रीम कोर्ट ने कहा ये बेहद गंभीर समस्या है। वही केंद्र सरकार की तरफ से कहा गया कि 8 राज्यों ने इस मामले में मिनिस्ट्री ऑफ रोड एंड ट्रांसपोर्ट के साथ मीटिंग की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी राज्य सरकारें इस मामले को लेकर मिनिस्ट्री ऑफ रोड एंड ट्रांसपोर्ट के साथ मीटिंग कर अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करे। सुप्रीम कोर्ट ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था 2017 में सड़को पर गड्ढों में गिरने से 3927 लोगो की मौत हुई है। यानी रोजाना दस लोग अपनी जान गवां रहे हैं।

गौरतलब है कि 20 जुलाई को भी तीखी टिप्पणी करते हुए  कोर्ट ने कहा था। कि ये किसी इंसान की जिंदगी और मौत का गंभीर सवाल है। ये गंभीर मुद्दा है और जो लोग गड्ढों की वजह से जिंदगी खो देते हैं वो मुआवजा पाने के हकदार हैं।  सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी को ये देखने को कहा था कि क्या गड्ढों की वजह से दुर्घटना में जान गवांने वाले लोगों को मुआवजा दिया जा सकता है ?

दरअसल सुप्रीम कोर्ट एस राजशेखरन द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रहा है जिसमें रोड सेफ्टी को लेकर विभिन्न आदेश जारी करने की मांग की है।