हाईवोल्टेज केसों की सुनवाई के दौरान CJI रंजन गोगोई की हाजिर जवाबी

हाल ही में आलोक वर्मा और राफेल मामलों की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के तीखे सवालों और हाजिर जवाबी से सब हैरान हुए।

शुक्रवार को आलोक वर्मा मामले की सुनवाई में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से इसकी शुरूआत हुई। जब CVC की ओर से पेश तुषार मेहता ने सीलकवर रिपोर्ट की मांग की तो CJI ने कहा, “ आप कौन हैं ? “ तुषार ने जवाब दिया, “ मैं CVC की ओर से पेश हुआ हूं।” CJI ने फिर जवाब दागा, “ ओह! आप तो CVC हैं, इस रिपोर्ट को बनाने वाले.. “

हालांकि बाद में उन्होंने सीलकवर रिपोर्ट को अटार्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल को देने के निर्देश दे दिए।

इस दौरान राकेश अस्थाना केस के जांच अफसर  ए के बस्सी की ओर से वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने बहस शुरु की।CJI ने पूछा,” आपका तबादला कहां हुआ है ? “  धवन ने कहा, “ पोर्ट ब्लेयर।” जस्टिस गोगोई ने तपाक जवाब दिया,” अच्छी जगह है, कुछ दिन वहीं गुजारिए।”

अब बारी वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की थी।

CJI ने कहा, “ आप कौन हैं ? “ सिब्बल ने जवाब दिया, “ मिस्टर खडगे ..” जस्टिस गोगोई ने कहा, “ आप सबसे बड़ी पार्टी के नेता हैं। हम आपको भूल गए थे।”

हालांकि बाद में अदालत ने बस्सी और खडगे की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करने का भरोसा दिया।

इससे पहले राफेल की सुनवाई में भी CJI गोगोई का ऐसा ही अंदाज देखने को मिला। AG के के वेणुगोपाल ने कहा, “ अगर करगिल के वक्त राफेल होता तो नुक्सान कम होता।”  CJI गोगोई ने तुरंत पूछा, “ मिस्टर अटार्नी करगिल 1999 में हुआ और राफेल 2010 के बाद आया।” AG के के वेणुगोपाल ने हंसते हुए कहा, “ मैं कल्पना के आधार पर कह रहा था। इस सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने वायु सेना के अफसरों को भी बुलाया था। उनसे बात करने के बाद CJI गोगोई ने कहा, “ एयर मार्शल और वाइस मार्शल  अब जा सकते हैं। यहां कोर्टरूम में दूसरा वार गेम है। अफसर अपने वार रूम में लौट जाएं।” इसी तरह जमानत की अर्जी लगाने वाले मादक पदार्थ अधिनियम के एक आरोपी से जस्टिस गोगोई ने कहा, “ हमें आपके जेल से बाहर आने के चांस कम दिखाई देते हैं।”

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