सबरीमला के फैसले पर पुनर्विचार पर जल्द सुनवाई की मांग सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई, नई पुनर्विचार याचिका दाखिल

केरल के सबरीमला मंदिर में सभी आयु की महिलाओं को प्रवेश के फैसले पर दाखिल पुनर्विचार याचिकाओं जल्द सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है।

मंगलवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि याचिकाओं पर सुनवाई नियमित तरीके से होगी। इस बीच दो अन्य पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल की गई हैं। सभी याचिकाओं में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट को फैसला पलट देना चाहिए क्योंकि ये फैसला सही नहीं है।

मंगलवार को नेशनल अयप्पा डिवोटी एसोसिएशन की अध्यक्ष शैलजा विजयन की ओर से वकील मैथ्यूज नंदूपरा ने इस मामले में जल्द सुनवाई की गुहार लगाई। उन्होंने चीफ जस्टिस गोगोई को बताया कि 16 अक्तूबर से मंदिर खुल रहा है और सुप्रीम कोर्ट को इससे पहले ही इस मामले की सुनवाई करनी चाहिए।

चीफ जस्टिस के इससे इनकार करने पर नंदूपरा ने कहा कि इससे पहले पीठ को संविधान पीठ के 28 सितंबर के फैसले पर अंतरिम रोक लगानी चाहिए और इसके लिए उन्होंने कोर्ट में अर्जी भी दाखिल की है। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि वो अर्जी को देखेंगे।

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