पूर्व AG मुकुल रोहतगी लोकपाल चयन समिति में “प्रतिष्ठित न्यायविद्” के रूप में नियुक्त: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

लोकपाल चयन समिति में भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल और वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी को “प्रतिष्ठित न्यायविद् ” नियुक्त किया गया है, केंद्र ने आज सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है।

अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली एक बेंच को सूचित किया कि ये निर्णय 11 मई को लिया गया था, जिससे रोहतगी चयन समिति का हिस्सा बन गए, जिसकी अध्यक्षता प्रधान मंत्री करते हैं। समिति में प्रतिष्ठित न्यायविद्  का पद रिक्त पड़ा है क्योंकि वरिष्ठ वकील पीपी राव का

पिछले साल सितंबर में  निधन हो गया था। एनजीओ कॉमन कॉज द्वारा दायर एक अवमानना ​​याचिका की सुनवाई के दौरान ये दलील दी गई  जिसमें 27 अप्रैल के उच्चतम न्यायालय के फैसले के बावजूद विरोधी भ्रष्टाचार लोकपाल की नियुक्ति ना करने का मुद्दा उठाया था।

जब अदालत ने स्पष्ट किया था कि मौजूदा लोकपाल अधिनियम कानून का एक व्यावहारिक हिस्सा है और इसके संचालन को लंबित रखने के लिए कोई औचित्य नहीं है। केंद्र ने 23 फरवरी को अदालत को सूचित किया था कि लोकपाल की नियुक्ति के लिए कदम उठाए जा रहे हैं और  2014 में लोकसभा और लोकायुक्त अधिनियम को लेकर एक प्रक्रिया अधिसूचित कर दी गई थी।

 सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले महीने अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल द्वारा सूचित किए जाने के बाद नियुक्ति के लिए प्रक्रिया को तेज करने के लिए केंद्र को निर्देश दिया था। बताया गया था कि नियुक्ति पर चर्चा के लिए 10 अप्रैल को एक बैठक पहले ही आयोजित की जा चुकी है।

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