SC कॉलेजियम ने MP, छत्तीसगढ, झारखंड और कर्नाटक हाईकोर्ट में 23 अतिरिक्त जजों को स्थायी जज बनाने की सिफारिश की [प्रस्ताव पढें]

SC कॉलेजियम ने MP, छत्तीसगढ, झारखंड और कर्नाटक हाईकोर्ट में 23 अतिरिक्त जजों को स्थायी जज बनाने की सिफारिश की  [प्रस्ताव पढें]

सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने हाईकोर्ट के 23 अतिरिक्त  जजों को स्थायी जज नियुक्त करने की सिफारिश की है। इनमें मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ( 18), झारखंड हाईकोर्ट (2), छत्तीसगढ हाईकोर्ट (2) और कर्नाटक हाईकोर्ट (1) शामिल हैं।

कॉलेजियम ने जस्टिस अतुल श्रीधरन, सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी, विवेक रूसिया, आनंद पाठक, वेदप्रकाश शर्मा, जगदीश प्रसाद गुप्ता, अनुराग कुमार श्रीवास्तव, हौसला प्रसाद सिंह, अशोक कुमार जोशी, विवेक अग्रवाल, नंदिता दूबे, राजीव कुमार दूबे, अंजुली पालो, विरेंद्र सिंह, एस के अवस्थी, विजय कुमार शुक्ला, जीएस आहलुवालिया और सुबोध अभ्यांकर को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अतिरिक्त जज से स्थायी जज के तौर पर नियुक्त करने की सिफारिश की है।

कॉलेजियम ने जस्टिस आनंदा सेन और अनंत बिजय को झारखंड हाईकोर्ट में अतिरिक्त जज से स्थायी जज के तौर पर नियुक्त करने की सिफारिश की है।

कॉलेजियम ने जस्टिस संजय अग्रवाल और राजेंद्र चंद्र सिंह सामंत की छत्तीसगढ हाईकोर्ट में अतिरिक्त जज से स्थायी जज के तौर पर जल्द नियुक्ति की सिफारिश की है। कॉलेजियम ने जस्टिस अतिरिक्त जज जी नरेंद्र को कर्नाटक हाईकोर्ट में स्थायी जज के तौर पर नियुक्त करने की सिफारिश की है जबकि हाईकोर्ट कॉलेजियम ने उनका कार्यकाल एक साल ही बढाने की सिफारिश की थी।

कॉलेजियम ने कहा कि ये टिप्पणी करते इस बात का ध्यान रखा गया है कि हाईकोर्ट कॉलेजियम ने एक साल कार्यकाल बढाने की सिफारिश के साथ ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं रखा कि वो उन्हें स्थायी जज के तौर पर नियुक्त करने की सिफारिश क्या नहीं कर रहा जबकि स्थायी जज का पद उपलब्ध है।