ब्लू व्हेल को लेकर जागरूकता फैलाएं, छात्रों को जिंदगी की खूबसूरती भी बताएं : सुप्रीम कोर्ट

जानलेवा खेल ब्लू व्हेल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सभी राज्यों के चीफ सेक्रेट्री को सभी स्कूलों में सर्कुलर भेजकर बच्चों में जागरूकता फैलाने के आदेश दिए हैं।

सोमवार को मामलों का निस्तारण करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये जागरुकता सिर्फ ब्लू व्हेल को लेकर नहीं बल्कि जिंदगी की खूबसूरती के बारे में बताने की भी हो। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई बंद कर दी है।

वहीं केंद्र की ओर से AG के के वेणुगोपाल ने कोर्ट को बताया कि इस गेम को रोकना संभव नहीं है बल्कि अभिभावकों को ज्यादा चौकन्ना रहने की जरूरत है। सरकार ने कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पांस टीम ( CERT)  के डीजी की अगवाई में पैनल बनाया है जो एक हफ्ते में रिपोर्ट दाखिल करेगा। वैसे सारे मामले ब्लू व्हेल से जुडे नहीं हैं।  कई मामले भी थे जिनमें फेल होने की वजह से छात्र डिप्रेशन में थे।  ब्लू व्हेल को अलग तरीके से बनाया गया है। हर व्यक्ति इस खेल को नही खेल सकता।

पिछली सुनवाई में जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच ब्लू व्हेल को लेकर  वकील स्नेहा कलिता द्वारा दाखिल याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कहा था कि वो इस मामले में एक एक्सपर्ट कमिटी बनाए  जो इस मामले पर विचार करे। कोर्ट ने आदेश दिया था कि  दूरदर्शन एक हफ्ते में ब्लू व्हेल को लेकर उचित वक्त का एक प्रोग्राम तैयार कर प्राइम टाइम में चलाए। ये प्रोग्राम प्राइवेट चैनलों को दिया जाए और वो भी इसे चलाएंगे।

दरअसल वकील स्नेहा कलिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की थी कि सुप्रीम कोर्ट जानलेवा ब्लू व्हेल गेम पर रोक लगाई जाए। वरिष्ठ वकील विजय हंसारिया ने कहा था कि ब्लू व्हेल गेम को लेकर अलग अलग अदालतों में मुकदमें चल रहे हैं लेकिन अभी तक पूरे देश में इस पर रोक नही लग पाई है। जिसकी वजह से बच्चों द्वारा आत्महत्या किये जाने के मामले बढ़ते जा रहे हैं।

इससे पहले 15 सितंबर को भी जानलेवा ब्लू व्हेल गेम पर सुप्रीम केंद्र ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था और 3 हफ्ते में जवाब मांगा था। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एम खानवेलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड की बेंच ने सुनवाई करते हुए अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल से आग्रह किया था कि वो इस केस में कोर्ट की मदद करें।

दरअसल तमिलनाडू से मदुरै के रहने वाले 73 साल के वकील एन एस पोन्नियम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की थी कि सुप्रीम कोर्ट जानलेवा ब्लू व्हेल गेम पर रोक लगाए।

वकील पोन्नियम ने अपनी याचिका में कहा था कि ब्लू व्हेल गेम को लेकर अलग अलग अदालतों में मामले चल रहे हैं। लेकिन अभी तक पूरे देश में इस पर रोक नही लग पाई है। जिसकी वजह से बच्चों द्वारा खुदकुशी किए जाने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। पोन्नियम ने अपनी याचिका में ये भी कहा था कि कोर्ट सभी राज्य सरकारों को आदेश दे कि वो लोगों के बीच इस खेल को लेकर सामाजिक जागरूकता फैलाए।

वहीं इस गेम को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट और बोंबे हाईकोर्ट समेत कई कोर्ट में सुनवाई चल रही थी लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कोई भी कोर्ट संबंधित मामले में सुनवाई नहीं करेगी।

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